बेरमो /बोकारो थर्मल डीवीसी प्लांट गेट स्थित विनोद बिहारी महतो चौक पर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा ने विनोद बिहारी महतो की 102वीं जयंती मनाई। इस अवसर पर उनके योगदान और झारखंड आंदोलन में उनकी भूमिका को याद किया गया। जयंती समारोह के मुख्य बिंदु
विनोद बिहारी महतो की जयंती झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा ने विनोद बिहारी महतो की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। झारखंड आंदोलन में योगदान विनोद बिहारी महतो झारखंड आंदोलन के एक प्रमुख नेता थे और उनके योगदान को याद किया गया। समारोह का आयोजन झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा द्वारा आयोजित इस समारोह में विनोद बिहारी महतो के जीवन और कार्यों पर चर्चा की गई।
कपिल महतो ने कहा कि उनका जन्म 23 सितंबर 1923 को धनबाद जिले के बलियापुर प्रखंड के बरदाहा गांव में हुआ था। वह झारखंड आंदोलन के एक प्रमुख नेता थे और उन्होंने “पढ़ो और लड़ो” का नारा दिया था। भानु प्रताप महतो ने कहा कि बिनोद बिहारी महतो 1980 से 1985 तक टुंडी के विधायक, 1985 से 1990 तक सिंदरी के विधायक और 1990 में फिर से टुंडी के विधायक बने। 1991 में गिरिडीह लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर सांसद बने। डॉ.दसरथ महतो ने कहा कि बिनोद बिहारी महतो अपने जीवनकाल में कई स्कूल और कॉलेज खोले और लोगों को शिक्षा के लिए प्रेरित किया। वह कुड़मी समाज में सुधार के लिए भी काम करते थे और उन्होंने “शिवाजी समाज” नामक संगठन की स्थापना की। मौके पर भानु प्रताप महतो, कपिल देव महतो, सचिन तुरी, मुन्ना महतो, भीम कुमार, रवि कुमार, उमेश राम, सुनील महतो, डॉ दसरथ महतो, सुरेन्द्र महतो, रामजीत महतो, साजिद अंसारी सहित अन्य कई लोग उपस्थित थे l
बेरमो संवाददाता राजेश सागर की रिपोर्ट,
