अतिथि के रूप में महाविद्यालय के निदेशक प्रमोद कुमार व सरदार जोरावर सिंह सलूजा उपस्थित हुए। इस दौरान अतिथियों का स्वागत महाविधालय की प्राचार्या डॉ शालिनी खोवाला व डी एल एड प्रभारी डॉ हरदीप कौर ने पुष्पगुच्छ देकर अभिवादन किया। तत्पश्चात संयुक्त रूप से दीप प्रजवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

इस कार्यक्रम के शुभारंभ में प्राचार्या डॉ शालिनी खोवाला ने मुख्य अतिथियों का अभिनंदन किया और नवनामांकित प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए उन्हें कोर्स की संक्षिप्त जानकारी देते हुए उन्हें महाविद्यालय के नियमों से अवगत कराया। प्राचार्य डॉ खोवाला ने छात्रों का हौसला बुलंद करते हुए डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम जी की पंक्ति को दोहराया कि…..
*सपने वो नहीं जो आप सोते हुए देखते हैं सपने वो हैं जो आपको सोने नहीं देते*
और कहा कि आप सब आज उसी सपने की दहलीज़ पर खड़े हैं जहाँ से आप अपनी नई पहचान एक राष्ट्र निर्माता के रूप में बनायेंगे।
हमारा यह संस्थान कोई सामान्य भवन नहीं बल्कि एक विचार है एक दिशा है एक संस्कार है, चरित्र, शिष्टता एवं नेतृत्व की प्रयोगशाला है जो केवल शिक्षक नहीं बनाते बल्कि वह प्रकाश उत्पन्न करते हैं जो आने वाली पीढ़ियों को दिशा देगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि श्री प्रमोद कुमार ने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि “शिक्षक केवल कक्षा में पढ़ाता ही नहीं बल्कि पूरी पीढ़ी को बदलने की क्षमता रखता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आप सबों में से ही कोई सर्वपल्ली राधाकृष्णन जैसे महान शिक्षक बन देश और समाज को ऊँचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखते हैं तो कोई बहुचर्चित ख़ान सर जैसे हो सकते है या फिज़िक्स वाला के स्तर में भी भविष्य में पहचान बना सकता है।
श्री कुमार ने आगे कहा कि
आप सिर्फ़ ‘शिक्षक’ बनकर सीमित न रहें; आप एक सफल Entrepreneur, एक Institution Builder और एक Educational Leader भी बन सकते हैं।
“जीवन में वही आगे बढ़ता है जो अपने समय का सम्मान करता है और अपने कोर्स के प्रति समर्पित रहता है।”
“समय का पूर्ण उपयोग, अनुशासन, ईमानदारी और दृढ़ संकल्प—यही गुण आपको विशिष्ट बनाएँगे।”
उन्होंने छात्रों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि आप सभी में अपार संभावनाएँ हैं—अपनी क्षमता को पहचानें और स्वयं को एक विशिष्ट व्यक्तित्व के रूप में स्थापित करें आपके कार्य ही आपकी वास्तविक पहचान बनाते हैं इसलिए हर कदम उत्कृष्टता की ओर बढ़ाएँ।”
अंत में उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को उज्ज्वल भविष्य एवं सफल शिक्षक-जीवन की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं
वहीं डी एल एड प्रभारी डॉ हरदीप कौर ने कई उदाहरणों के माध्यम से प्रशिक्षुओं का मनोबल बढ़ाया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस बीच प्रशिक्षुओं ने कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। कार्यक्रम में टीचिंग , ननटीचिंग व नव नामांकित प्रशिक्षुओं का परिचय सत्र चला। इसके पश्चात बी एड सत्र 2025-27 के प्रशिक्षुओं को डायरी, पेन व सिलेबस दिया गया वहीं डी एल एड सत्र 2023-25 के टॉप टेन प्रशिक्षु मोनाली गुप्ता, पिंकी कुमारी, निधि कुमारी, दीपा कुमारी, संगीता कुमारी, श्वेतांश शेखर, संजना कुमारी, नीलम कुमारी, अंकित कुमार, अनुराधा कुमारी, अनुराधा कुमारी व किरण कुमारी को मोमेंटो व प्रस्सति पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। साथ ही मोनाली गुप्ता को डिस्टिक टॉपर व स्टूडेंट ऑफ द सेसन , उमा मुर्मू को मोस्ट डिसिप्लिन,शिवम् कुमार को मोस्ट ओबेडिएंट तधा संगीता, पूजा, कंचन, रिजवाना व शिवम् चौरसिया को ऑल टाइम एक्टिव स्टूडेंट का अवार्ड दिया गया।इस दौरान प्रशिक्षुओं में काफी उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम के समन्वयक के रूप में डॉ संतोष कुमार चौधरी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई सुर कार्यक्रम को सफल बनाया। मंच संचालन की भूमिका में प्रशिक्षु तसकीन सबा व सुभम कुमार ने काफ़ी अच्छी भूमिका अदा की। इस मौके पर सभी सहायक प्राध्यापकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी व प्रशिक्षु छात्र-छात्राएँ उपलब्ध रहे।
