गिरिडीह: हड़ताल का आह्वान 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों तथा विभिन्न क्षेत्रों के लाखों श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले स्वतंत्र अखिल भारतीय संगठनों द्वारा किया गया था।
इस दौरान देशभर के बीमा कर्मचारियों ने अपने अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ (AIIEA) के आह्वान पर सक्रिय भागीदारी निभाई। हजारीबाग मंडल स्तर पर बीमा कर्मचारी संघ हजारीबाग मंडल (IEAHD) के बैनर तले एलआईसी के सभी 37 कार्यालयों में पूर्ण तालाबंदी कर कामकाज ठप रखा गया। इस हर साल का व्यापक असर गिरिडीह जिला के सभी एलआईसी कार्यालयों में भी देखने को मिला।
इस मौके पर बीमा कर्मचारी संघ गिरिडीह शाखा इकाई के सचिव धर्म प्रकाश ने कहा कि यह हड़ताल केवल नई श्रम संहिताओं, एफडीआई सीमा में वृद्धि या सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश के खिलाफ सामान्य विरोध नहीं है, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था को कॉरपोरेट हितों के अनुरूप ढालने की प्रक्रिया के खिलाफ एक व्यापक प्रतिरोध है। उनका आरोप था कि इसका भार श्रमिकों, किसानों और कमजोर वर्गों पर डाला जा रहा है। चारों श्रम संहिताओं ने श्रमिकों को मिले लंबे समय से स्थापित सुरक्षा प्रावधानों को कमजोर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कानूनों से नियुक्ति और छंटनी की प्रक्रिया आसान हुई है, सामूहिक सौदेबाजी के अधिकार कमजोर हुए हैं और मजदूरी व कार्यस्थल सुरक्षा से जुड़े प्रावधान प्रभावित हुए हैं।
इस दौरान गिरिडीह में अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ, अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ, बैंक इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया,बीएसएसआर यूनियन सहित कई संगठनों के कर्मचारियों ने इस हड़ताल में भाग लिया। सभी संगठनों के हड़ताली कर्मचारियों ने एल आई सी परिसर में संयुक्त रूप से धरना दिया। वंही येधरने का अध्यक्षता गिरिडीह कर्मचारी मजदूर शिक्षक समन्वय समिति के अध्यक्ष मृदुल कांति दास तथा नेतृत्व समन्वय समिति के संयोजक धर्म प्रकाश ने किया। आज के हड़ताल को स्टेट बैंक इंप्लाइज यूनियन एनसीबीई ,एलआईसी ऑफीसर्स एसोसिएशन, एलआईसी पेंशनर्स एसोसिएशन का नैतिक समर्थन मिला। आज गिरिडीह शहर के तमाम बैंक -बीमा कार्यालय बंद रहे। इस हड़ताल को बीमा कर्मचारी संघ के अनुराग मुर्मू बीएसएसआर यूनियन के मृदुल कांति दास बैंक एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के पवन कुमार बरनवाल अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ के दीपक लाल उदय सिंह सहित कई कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने ने कहा कि चारों श्रम संहिता कॉर्पोरेट के दबाव में बनाया गया है ताकि भारत में सस्ता और कमजोर श्रम उपलब्ध हो सके और उनका मुनाफा बढे। श्रम संहिता में कर्मचारियों को प्राप्त सामाजिक सुरक्षा और उन सुविधाओं को समाप्त करने का प्रावधान किया गया है l साथ ही साथ फिक्स टर्म एंप्लॉयमेंट का प्रावधान है जो नौजवानों के साथ धोखा है।
इस हड़ताल को सफल बनाने में विजय कुमार राजेश कुमार उपाध्याय रोशन कुमार विजय कुमार राजेश कुमार प्रभास कुमार शर्मा विनय कुमार अभिजीत डान जुबेर आलम कुलजीत कुमार रवि देवनाथ दास महफूज अली सबा परवीन माहेश्वरी वर्मा संजय कुमार शर्मा प्रदीप कुमार प्रदीप प्रसाद अभय कुमार संजय गुप्ता पंकज कुमार विजय मंडल नागेश्वर साव प्रवीण कुमार हंसदा डेनियल मरांडी संहिता सरकार गौरव भारद्वाज रिशु कुमारी कुमारी रंजना सहित सैकड़ो कर्मचारियों ने भाग लिया
