पतरातू: रामगढ़ के पतरातू प्रखंड अंतर्गत हेसला पंचायत में अतिक्रमण हटाने के नाम पर हजारों परिवारों को अल्प सूचना पर बेघर करने का प्रयास सरासर अन्यायपूर्ण है। इस पंचायत में न सिर्फ लोगों के घर हैं, बल्कि स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और मंदिर जैसी करोड़ों की सरकारी संपत्तियां और जन-आस्था जुड़ी हुई है।
इस गंभीर विषय को लेकर आज विधायक रोशन लाल चौधरी हेसला पहुंचकर विस्थापितों और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। परीक्षा का समय है, शादियों का मौसम है और कई बुजुर्ग गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं; ऐसे में रातों-रात घरों को खाली कराना मानवीय दृष्टिकोण से भी गलत है।
विधायक ने इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी अनुराग कुमार तिवारी रामगढ़ और मुख्य सचिव झारखंड सरकार अविनाश कुमार से सीधी वार्ता की है। विधायक ने कहा कि जनता को पर्याप्त समय और विकल्प दिया जाए। तत्पश्चात माननीय मुख्यमंत्री से माननीय मुख्यमंत्री जी से मुलाकात कर समस्या से अवगत करवाते हुए हेसला वाशियों के समस्या रखी। मेरे इस सकारात्मक पहल का निष्कर्ष निकालते हुए माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें आश्वस्त किया कि ग्रामीणों को घर खाली करने के लिए सप्ताह-दस दिन का समय दिया जाएगा । इस सूचना के बाद हेसला वाशियों में हर्ष का माहौल हैं ।
विधायक चौधरी ने कहा कि हेसला की जनता को मैं विश्वास दिलाता हूं कि आपके हक और वजूद की इस लड़ाई में, मैं आपके साथ चट्टान की तरह खड़ा हूं।
गुलाम सरवर की खास रिपोर्ट,
