तेनुघाट — बहुजन संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बुधवार को यूजीसी समानता बिल 2026 सहित विभिन्न मांगों को लेकर आक्रोश महारैली निकाली गई। रैली बोकारो थर्मल से शुरू होकर कथारा, गोमिया, होसिर और साड़म होते हुए तेनुघाट अनुमंडल मुख्यालय पहुंची। जहां राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो को सौंपा गया।
मोर्चा के संयोजक कालेश्वर बौद्ध के नेतृत्व में निकाली गई इस रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। तेनुघाट अनुमंडल मुख्यालय गेट पर एक नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। यहां नेताओं ने यूजीसी बिल के समर्थन में संबोधित किया। इसके बाद एसडीओ को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि भारत सरकार द्वारा 13 जनवरी 2026 को पारित यूजीसी समानता बिल पर 29 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाए गए स्थगन आदेश से एससी, एसटी, ओबीसी एवं अल्पसंख्यक समाज में आक्रोश है। राष्ट्रपति से आग्रह किया गया कि बिल पर लगा स्टे हटाकर इसे पुनः लागू किया जाए।
इसके अलावा ज्ञापन में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के संबंध में कथित आपत्तिजनक बयानों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। मंदिर ट्रस्टों में एससी, एसटी समुदाय के प्रतिनिधियों को ट्रस्टी बनाने, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिना शर्त रिहाई और लेह-लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने तथा देश में समान शिक्षा नीति लागू करने की भी मांग उठाई गई।
रैली को विजय कुमार, प्रो. धनंजय रविदास, गंदौरी राम, छोटन बौद्ध, रविन्द्र बौद्ध, गोवर्धन रविदास, बालगोविंद मंडल, ललन राम, अजय राम, रामजीत राम, हीरा रविदास, हरदीप राम, मुकेश राम, राजेश राम, मालती देवी और गीता देवी सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने यूजीसी समानता बिल को सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसे शीघ्र लागू करने की मांग दोहराई।
