राँची: आगामी ईद, सरहुल और रामनवमी पर्व के मद्देनजर झारखंड में विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वर्चुअल माध्यम से उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस प्रशासन और जिला पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी पर्व शांति, सौहार्द और भाईचारे के वातावरण में संपन्न हों। इसके लिए प्रशासन को पूरी तरह सतर्क और सक्रिय रहने को कहा गया। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखने, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और गश्ती व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और ट्विटर (X) जैसे प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी रखी जाए। किसी भी भ्रामक सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी जुलूस निर्धारित मार्गों से ही निकाले जाएं और बिना अनुमति किसी भी प्रकार के आयोजन पर सख्ती से रोक लगाई जाए। साथ ही स्थानीय प्रशासन को शांति समिति की बैठकें आयोजित कर विभिन्न समुदायों के बीच समन्वय स्थापित करने को कहा गया, ताकि संवाद के जरिए किसी भी संभावित विवाद को रोका जा सके।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन व्यवस्थाओं को अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए। साथ ही बिजली, पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त रखने पर भी विशेष जोर दिया, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
रामनवमी जुलूस के दौरान महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विशेष सुरक्षित स्थान निर्धारित करने, बैरिकेडिंग, महिला पुलिस बल की तैनाती और निगरानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि सभी पर्व शांति, सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों। उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारीपूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की हिदायत देते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
