रांची: झारखंड विधानसभा में इन दिनों जनसरोकार के मुद्दों पर चर्चा तेज है। इसी क्रम में खरसावां विधानसभा क्षेत्र से विधायक दशरथ गागराई ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से राज्य सरकार का ध्यान जिले में निर्माणाधीन 500 बेड के अस्पताल की ओर खींचा। विधायक ने सवाल किया कि आखिर वर्षों बीत जाने के बाद भी अस्पताल का निर्माण कार्य अब तक अधूरा क्यों है?
विधायक के मुख्य सवाल और चिंताएं
विधायक गागराई ने सदन को अवगत कराया कि अस्पताल का ढांचा तो खड़ा कर दिया गया है, लेकिन फिनिशिंग और सुविधाओं के अभाव में यह सफेद हाथी साबित हो रहा है। उनके प्रमुख बिंदु निम्नलिखित थे:
स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव: क्षेत्र के मरीजों को बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर या रांची जाना पड़ता है। अस्पताल शुरू होने से स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
कार्य में सुस्ती: निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण लागत बढ़ रही है और भवन जर्जर होने की कगार पर है।
समय सीमा की मांग: उन्होंने सरकार से स्पष्ट पूछा कि इस अस्पताल को चालू करने के लिए विभाग ने क्या समय सीमा (Deadline) तय की है?
सरकार का रुख
विधायक के सवाल पर विभागीय मंत्री ने जवाब देते हुए आश्वासन दिया कि तकनीकी बाधाओं और फंड से जुड़ी समस्याओं को दूर कर लिया गया है। सरकार ने दावा किया कि शेष बचे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर जल्द ही अस्पताल को जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
निष्कर्ष: जनता की उम्मीदें
सरायकेला-खरसावां के लोगों के लिए यह 500 बेड का अस्पताल जीवन रेखा साबित हो सकता है। दशरथ गागराई द्वारा सदन में इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद अब स्थानीय लोगों में यह उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें अपने ही क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
