गिरिडीह: सरस्वती विद्या मंदिर, बरगंडा में सोमवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा एक दिवसीय इन-हाउस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई।
प्रशिक्षण के दौरान रिसोर्स पर्सन डॉ. ब्रजेश बर्णवाल ने “क्रिटिकल एंड क्रिएटिव थिंकिंग” विषय पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सृजनात्मक और आलोचनात्मक चिंतन एक-दूसरे के पूरक हैं—जहां सृजनात्मक चिंतन नए और अनोखे विचारों को जन्म देता है, वहीं आलोचनात्मक चिंतन उन विचारों का विश्लेषण और मूल्यांकन करता है।
वहीं, शंभू शंकर ने “जेंडर सेंसिटिविटी”, मौतूसी डैन ने “स्टोरी टेलिंग ऐज़ पैडागॉजी”, राजीव सिन्हा ने “क्लासरूम मैनेजमेंट”, मोनिका सिंह ने “एक्सपीरिएंशियल लर्निंग” तथा मोनालिशा ने “जॉयफुल मैथमेटिक्स” विषय पर प्रशिक्षण प्रदान किया।
इस अवसर पर विद्यालय के सभी आचार्य एवं दीदी-बहनों ने विद्यार्थियों के लिए भावनात्मक सुरक्षा, जुड़ाव और सकारात्मक माहौल तैयार करने की आधुनिक तकनीकों को गहराई से समझा। सीबीएसई के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने ज्ञान अर्जन की प्रक्रिया, गहन चिंतन, विश्लेषण और रचनात्मकता विकसित करने के प्रभावी तरीकों पर मार्गदर्शन दिया। सत्र को इंटरैक्टिव गतिविधियों, केस स्टडी और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से रोचक बनाया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य आनंद कमल ने कहा कि यह प्रशिक्षण शिक्षकों के ज्ञान संवर्धन के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में नई चुनौतियों का सामना करने के लिए अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्या भारती से जुड़े विद्यालयों में राष्ट्रभक्ति के साथ आधुनिक एवं वैज्ञानिक शिक्षण प्रणाली को मजबूत करना है, जिससे विद्यार्थी देश-दुनिया में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकें।
