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तेनुघाट व्यवहार न्यायालय में लगे राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 80,401 मामलों का निष्पादन।

तेनुघाट: माननीय सर्वोच्च न्यायालय, झारखंड उच्च न्यायालय एवं प्रधान जिला जज सह सत्र न्यायाधीश बोकारो अनिल कुमार मिश्रा के निर्देशानुसार शनिवार 28 सितम्बर को तेनुघाट व्यवहार न्यायालय में लगे राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 80,401 मामलों का निष्पादन और लगभग दो करोड़ अडतालीस लाख रुपए की समझौता राशि वसूल किया गया । इस तरह बिजली विभाग के 12,257 मामले, बैंक विभाग के 116 मामले, चेक बाउंस के 56 मामले, उत्पाद विभाग, वन विभाग, प्री लिटिगेशन के मामलों, सहित अन्य कई विभाग के मामलों का निष्पादन हुआ । इस अवसर पर राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर संयुक्त रूप से जिला जिला जज द्वितीय सूर्य मणि त्रिपाठी, एसीजेएम मनोज कुमार प्रजापति, एसडीजेएम रश्मि अग्रवाल, मुंसिफ शिवराज मिश्रा, तेनुघाट ओपी प्रभारी अजीत कुमार, अधिवक्ता सुभाष कटरियार, संजय कुमार दे, जीवन सागर आदि ने संयुक्त रूप से किया । इस अवसर पर जिला जज द्वितीय सूर्य मणि त्रिपाठी ने संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन नालसा और झालसा के तत्वाधान पूरे भारत में किया जा रहा है । आपकी उपस्थिति यह बताती है कि आप लोक अदालत के कार्य कलाप से काफी प्रभावित है । जिससे समय की और पैसे की भी बचत होती है । वहीं कोर्ट की प्रक्रिया में मामलों की निष्पादन होने में काफी समय लगता है । इसलिए इसका उद्देश्य यह है कि आप सभी छोटे छोटे मामलों का न्यायालय की प्रक्रिया में न फंस कर समझौता के आधार पर निपटारा कराए । वर्ष में चार राष्ट्रीय लोक अदालत और प्रत्येक माह मासिक लोक अदालत का आयोजन किया जाता है । इसमें अधिवक्ता, अधिवक्ता लिपिक, मुवक्किल और अन्य लोगों का भी काफी सहयोग मिलता है । वहीं एसीजेएम मनोज कुमार प्रजापति ने कहा कि लोक अदालत की शुरुआत होने के बाद कोर्ट में मुकदमों की संख्या में काफी कमी आई है । इस राष्ट्रीय लोक अदालत में जितने भी लोग कार्य कर रहे हैं वह सभी पिछले राष्ट्रीय लोक अदालत के समाप्ति के बाद से ही इस राष्ट्रीय लोक अदालत के सफलता के लिए कार्य करने लगे थे और इस तरह राष्ट्रीय लोक अदालत में काफी मामले की निष्पादन होने की उम्मीद है । अनुमंडल विधिक सेवा प्राधिकार समिति के सचिव सह एसडीजेएम रश्मि अग्रवाल ने मंच संचालन, स्वागत भाषण और धन्यवाद ज्ञापन देते हुए बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत संविधान की परिकल्पना पूरी करने की दिशा में एक कदम है । राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन नवंबर 2013 से पूरे देश में हर तीन माह में किया जा रहा है । हमारा संविधान हर लोगो को सामाजिक, आर्थिक एवं सस्ता सुलभ न्याय की गारंटी देता है । हमें अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी का भी काफी सहयोग मिला है । आगे बताया कि लोक अदालत में निष्पादित मामलों का किसी भी तरह का अपील नहीं किया जाता है । लोक अदालत का लाभ आम जनता तक पहुंच रहा है जिससे आम जनता को लाभ हो रहा है और वह इसका फायदा भी मिल रहा है । लोक कल्याण कार्यों का लोगों का समय पर लाभ नहीं मिल पाने के कारण और विलंब होने के कारण ही लोक अदालत का शुरुआत किया गया । इसके लिए सभी न्यायिक पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, न्यायिक कर्मी गण का काफी सहयोग रहा है । इसके लिए मैं सभी को साधु-वाद देती हूं । वही साथ ही मुंसिफ शिवराज मिश्रा आदि ने भी सभा को संबोधित किया। अनुमंडल विधिक सेवा प्राधिकार समिति के सचिव सह एसडीजेएम रश्मि अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन में उपस्थित सभी लोगों को मैं बधाई देती हूं और आशा करती हूं कि इसमें सभी का काफी सहयोग प्राप्त होगा । मुंसिफ शिवराज मिश्रा ने बताया कि सभी लोक अदालत में अपना मामला का निष्पादन कराकर लाभान्वित हो मेरी यही कामना है । आगे कहा की सुलहनीय धाराओं में दोनों पक्षों का बुलाकर मामलों का निष्पादन कराया जा रहा है और पूरी उम्मीद है कि ज्यादा से ज्यादा मामलों का निष्पादन होगा । अधिवक्ता सुभाष कटरियार ने कहा कि लोक अदालत बहुत ही सुंदर सुलभ और सुगम न्याय पाने का तरीका है । सभी लोक अदालत में अपना मामला का निष्पादन कराकर लाभान्वित हो मेरी यही कामना है । वहीं राष्ट्रीय लोक अदालत में समझौता होने के बाद मामलों का निष्पादन करने पर दोनों पक्षों को पौधा लगाने को दिया गया । जिसमे लगभग 50 पौधों का वितरण किया गया । राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल निष्पादन के लिए तीन बेंच का गठन किया गया था । इसकी पहले बेंच पर जिला जज द्वितीय सूर्य मणि त्रिपाठी एव अधिवक्ता चेतना नंद प्रसाद, दूसरे बेंच एसडीजेएम रश्मि अग्रवाल एवं अधिवक्ता मो सबीर तथा तीसरे बेंच पर मुंसिफ शिवराज मिश्रा एव अधिवक्ता सुशील कुमार सिंह मौजूद थे । मौके पर रामकृष्ण गुप्ता, राजेश्वर जायसवाल, राजेश सिन्हा, दीपक गुप्ता, सुजय आनंद, उदय सिंह, रितेश सिंह, चंद्र देव हांसदा, पंकज कुमार, विष्णु कुमार मिश्रा, सुनीता सिन्हा, कृष्णा रजक, सुनील पासवान, मदन प्रजापति, लालदेव मल्लाह, काजल कुमार सहित न्यायिक कर्मीगण, पीएलवी के सदस्य उपस्थित थे । उक्त बातों की जानकारी अनुमंडल विधिक सेवा पदाधिकारी समिति के सचिव सह एसडीजेएम रश्मि अग्रवाल ने दी और राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए सभी न्यायायिक पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अधिवक्तागण, न्यायायिक कर्मी, पीएलवी, बैंक कर्मी, उत्पाद विभाग, बिजली विभाग, वन विभाग के पदाधिकारियों सहित उपस्थित अन्य सभी को साधुवाद दी ।

Shamsher Editor in chief
Author: Shamsher Editor in chief

14/08/1980

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