बेरमो :-एचएमकेयू यूनियन के द्वारा डीवीसी प्लांट गेट पर 12 जून से 16 जून तक धरना एवं 17 जून से महाप्रदर्शन और गेट जाम आंदोलन डीवीसी के साथ हुए सफल वार्ता के बाद हुआ सम्पत कर दिया गया। एचएमकेयू के प्रतिनिधियों के द्वारा बताया गया कि बोकारो थर्मल में एआरसी/एएमसी टेक्नो कंपनी, शुलभ इन्टरनेशनल कंपनी में स्थानीय ग्रामीण बेरोजगारों को रखने के बजाये बाहरी मजदूरों या अन्य प्रदेशों के मजदूरों से कार्य कराया जाता है। जबकि स्थानीय मजदूरों का एआरसी/एएमसी मेन्टेनेंस कार्य में रखना है। डीवीसी प्रबंधन द्वारा स्थानीय ग्रामीण मजदूरों को उपेक्षीत किया जाता है, जिसके तहत पुर्व में भी डीवीसी प्रबंधन एवं एचएमकेयू युनियन के अधिकारियों के साथ अनेकों बार वार्ता हो चुका है। जिसमें नौ सुत्री माँग पर डीवीसी के प्रबंधन आज तक उसे लागु नहीं किये। क्या हैं मांगें डीवीसी प्रबंधन के साथ वार्ता में तय हुआ था कि तीन एस टी /एससी मजदूरों को एचएमकेयू से लिया जायेगा, सीएचपी ताज टेक्नो में पाइनल में कार्य कर रहे मजदूरों को नियमित कार्य दिया जाए, सप्ताह में 2-3 दिन काम दिया जाता है। मजदूरी भुगतान 5000 रुपए दिया जाता है जांच किया जाय, सीएचपी से बैठाये गये मजदूरो को अविलम्ब ताज टेकनो में रखा जाय सहित अन्य 10 मांगे सहित और 11 मांगे शामिल हैं बैठक में केंद्रीय अध्यक्ष वतन महतो, प्रदेश महासचिव इन्द्रदेव महतो, यूनियन के कार्यकारणीय अध्यक्ष एमडी फरीद, सचिव रामलाल पासवान, असंगठित मजदूर के अध्यक्ष हेमलाल महतो, खेमलाल महतो, रघुवीर मिर्जा जॉन सिक्योरिटी सभी उपस्थित थे
बेरमो संवाददाता राजेश सागर की रिपोर्ट,
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980