उत्पादन डिस्पैच ठप होने से कोल इंडिया में चर्चा का बाजार गर्म, निजी लाभ को लेकर एक अधिकारी पर गुटबाजी का आरोप
चतरा: चतरा जिले में संचालित सीसीएल के आम्रपाली कोल परियोजना में विभागीय उदासीनता के कारण पिछले कई दिनों से कोयला उत्पादन और डिस्पेच पूरी तरह से ठप है। बताया गया इतिहास में पहली बार सीसीएल के अम्रपाली माइंस में कोयला उत्पादन पूरी तरह से ठप हुआ है। जिसके कारण केंद्र और राज्य सरकार को प्रतिदिन करोड़ों रुपया का राजस्व का सीधा असर पड़ रहा है। जिस शिवपुर रेलवे साइडिंग से प्रतिदिन 10 से 15 रेक सरकारी कोयला का डिस्पेच होता था, उस साइडिंग में सन्नाटा परसा हुआ है। सीसीएल के जानकार बताते हैं अम्रपाली में वर्षो से जमे एक अधिकारी को निजी स्वार्थ के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। इस मामले में एक अधिकारी ने कहा कोयला उत्पादन का समय बढ़ोतरी (एक्सटेंशन) के टेंडर में दो कंपनियां आमने-सामने मामला सुप्रीम कोर्ट में विचारधीन है। फैसला आने के बाद ही कोयला उत्पादन और डिस्पैच का संभावना हैं। वही स्थानीय ग्रामीणों का कहा कि आम्रपाली कोल परियोजना में अधिक रेट में टेंडर घोटाले, धांधली, रिश्वतखोरी भ्रष्टाचार में विजिलेंस और सीबीआई की जांच होती है तो बहुत बड़ा राज उजागर होना तय है। इस पूरे मामले में निजी लाभ पहुंचाने को लेकर कई तरह घोटाले का कारनामे सामने आ सकता है।
कामेश्वर गुप्ता की रिपोर्ट,
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
