गिरिडीह। जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत लेदा-बजटो गांव से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ शनिवार शाम को एक अज्ञात फेरीवाले से गुपचुप और चाट खाना ग्रामीणों को भारी पड़ गया। रविवार सुबह होते-होते गांव के करीब 23 लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिसमें 6 वर्षीय मासूम रंजन कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई।
शाम का नाश्ता बना ‘जहर’
जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब 5 बजे गांव में एक अज्ञात व्यक्ति ठेले पर गुपचुप और छोला बेच रहा था। बड़ी संख्या में बच्चों और युवाओं ने बड़े चाव से इसका सेवन किया। लेकिन रविवार सुबह सूरज उगते ही गांव में चीख-पुकार मच गई। बीमारों को तेज बुखार, पेट दर्द और लगातार उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी।
मासूम की मौत से गांव में शोक
मृतक रंजन कुमार (6 वर्ष) की तबीयत बिगड़ते ही उसे सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन डॉक्टरों के अथक प्रयास के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। मृतक की मां रिंकू देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वर्तमान में सदर अस्पताल में 5 साल के बच्चों से लेकर 45 साल तक के बुजुर्गों का इलाज चल रहा है।
प्रशासनिक मुस्तैदी
घटना की सूचना मिलते ही उपायुक्त (DC) रामनिवास यादव के निर्देश पर प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया। एसडीएम, एसडीपीओ और सिविल सर्जन डॉ. बच्चा सिंह ने अस्पताल पहुंचकर मरीजों का हाल जाना।
सिविल सर्जन का बयान:
“प्राथमिक जांच में यह मामला फूड पॉइजनिंग का लग रहा है। सभी मरीजों को इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट कर विशेष निगरानी में रखा गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को सैंपल जांच के लिए बुलाया गया है।”
पुलिस फिलहाल उस अज्ञात ठेले वाले की तलाश में जुटी है जो घटना के बाद से फरार है।
