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बैंक ऋण मामलों में लचीला और मानवीय दृष्टिकोण अपनाएं अधिकारी, ऋणधारकों को दें अधिकाधिक राहत : एडीजे उमेश प्रसाद

12 दिसंबर को आयोजित होगी राष्ट्रीय लोक अदालत, बैंक ऋण से जुड़े अधिकाधिक मामलों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित

औरंगाबाद: आगामी 12 दिसंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता एवं बैंक ऋण से संबंधित अधिकाधिक मामलों के निष्पादन को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद स्थित विधिक सेवा सदन में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पंचम  उमेश प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विभिन्न बैंकों के मुख्य प्रबंधकों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक को संबोधित करते हुए एडीजे उमेश प्रसाद ने बैंक अधिकारियों से ऋण से जुड़े मामलों में लचीला, सकारात्मक एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम नागरिकों एवं ऋणधारकों को लंबित विवादों से सरल, त्वरित और कम खर्च में मुक्ति दिलाने का प्रभावी माध्यम है। बैंक अधिकारियों को चाहिए कि वे ऋणधारकों की आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार उचित छूट एवं समझौते का अवसर प्रदान करें, ताकि अधिकाधिक मामलों का आपसी सहमति से निष्पादन हो सके।

उन्होंने कहा कि बैंकों का उद्देश्य केवल बकाया राशि की वसूली करना ही नहीं, बल्कि आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से विवादों का समाधान कर ऋणधारकों को राहत पहुंचाना भी होना चाहिए। इसके लिए बैंक अधिकारियों को विशेष पहल करने की आवश्यकता है।

एडीजे ने बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन में अब एक माह से भी कम समय शेष है। ऐसे में बैंक ऋण से संबंधित मामलों में समयबद्ध तरीके से नोटिस जारी करने, नोटिस की तामिला सुनिश्चित कराने तथा ऋणधारकों से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि अधिकाधिक मामलों को लोक अदालत में प्रस्तुत कर उनका निष्पादन कराया जा सके।

बैठक में उपस्थित मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री लाल बिहारी पासवान तथा अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-प्राधिकार के प्रभारी सचिव संदीप कुमार सिंह ने भी बैंक अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता में बैंकों की सक्रिय एवं सकारात्मक सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण है। बैंक प्रतिनिधि ऋणधारकों को लोक अदालत में उपस्थित होने और आपसी समझौते के माध्यम से विवादों का निपटारा कराने के लिए प्रेरित करें।

इस दौरान विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया कि पुराने एवं लंबित ऋण मामलों के निष्पादन के लिए नियमानुसार अधिकाधिक छूट एवं समझौते का लाभ देने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही ऋणधारकों से संपर्क स्थापित कर उन्हें समझौते के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

बैठक में बैंक अधिकारियों को आगामी 12 दिसंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए बैंक ऋण से संबंधित मामलों के निष्पादन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने तथा उसकी प्राप्ति के लिए अभी से आवश्यक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत की वास्तविक सफलता तभी संभव है, जब सभी बैंक सकारात्मक, सहयोगात्मक एवं संवेदनशील रवैया अपनाते हुए ऋणधारकों को अधिकाधिक लाभ पहुंचाने की दिशा में काम करें।

अविनाश कुमार की रिपोर्ट,

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