औरंगाबाद: जिला प्रशासन द्वारा पंचायत सचिवों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन की प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की दिशा में गुरुवार, 05 नवंबर 2026 को सॉफ्टवेयर आधारित रैंडमाइजेशन की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इस प्रक्रिया के तहत पंचायत सचिवों को एक पंचायत से दूसरी पंचायत में स्थानांतरित एवं पदस्थापित करने के लिए तकनीकी प्रणाली का सहारा लिया गया।
जिलाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा की देखरेख में पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। रैंडमाइजेशन के लिए सॉफ्टवेयर आधारित व्यवस्था अपनाई गई, ताकि स्थानांतरण एवं पदस्थापन में किसी प्रकार के बाहरी हस्तक्षेप या पक्षपात की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुशासन के सिद्धांतों का पालन सर्वोपरि है। इसी उद्देश्य से पंचायत सचिवों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन की प्रक्रिया को सॉफ्टवेयर आधारित रैंडमाइजेशन के माध्यम से पूरा कराया गया है, जिससे पूरी व्यवस्था में निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता बनी रहे।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में तकनीक आधारित व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि सरकारी प्रक्रियाओं को अधिक विश्वसनीय और व्यवस्थित बनाया जा सके।
अविनाश कुमार की रिपोर्ट,
