रांची: झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्रीमती तदाशा मिश्र ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने और अपराध नियंत्रण के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक (IG), क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) और विभिन्न जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) शामिल हुए।
बैठक के मुख्य बिंदु:
अपराध नियंत्रण: डीजीपी ने राज्य में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और संगठित अपराध के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाने का निर्देश दिया।
विधि-व्यवस्था (Law & Order): सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस की तैयारी की समीक्षा की गई।

नशा मुक्ति अभियान: राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
जन-पुलिस समन्वय: आम जनता के बीच पुलिस की छवि सुधारने और सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।
“अपराधियों में कानून का भय और आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव पैदा करना हमारी प्राथमिकता है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।” — श्रीमती तदाशा मिश्र, डीजीपी, झारखंड
अधिकारियों को सख्त निर्देश
बैठक के दौरान डीजीपी ने स्पष्ट किया कि वारंटियों की गिरफ्तारी और गश्त (patrolling) में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साइबर अपराध और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देने का आदेश दिया।
