बेरमो/बोकारो थर्मल – डी.वी.सी. सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ (भारतीय मजदूर संघ एवं अखिल भारतीय विद्युत सेवा निवृत्त कर्मचारी महासंघ से संबद्ध) ने पेंशनभोगियों के साथ हो रहे कथित शोषण एवं सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर डीवीसी अध्यक्ष को सात सूत्री मांगपत्र सौंपा है। संघ के संयोजक राजदेव सिंह एवं डी वी सी सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ द्वारा भेजे गए पत्र में पेंशनभोगियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई है। मांगपत्र में कहा गया है कि वर्ष 2011 के आदेश और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना करते हुए पेंशनभोगियों के आवास शुल्क से 40 से 60 प्रतिशत तक की कटौती की जा रही है, जिसे तत्काल बंद कर पूर्व में की गई कटौती की राशि वापस की जाए। इसके अलावा बिना सहमति पेंशनभोगियों को सीपीपीसी में शामिल किए जाने पर भी आपत्ति जताई गई है। संघ ने पेंशन एवं मेडिकल बोर्ड में पेंशनभोगी प्रतिनिधि की उपस्थिति अनिवार्य करने, मेडिकल सहायता राशि को वर्तमान महंगाई के अनुरूप 7.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने तथा फैमिली पेंशन का निर्धारण सीधे डीवीसी द्वारा किए जाने की मांग उठाई गई है। बताते चले की मांगपत्र में यह भी कहा गया है कि कैजुअल से स्थायी हुए कर्मचारियों की ग्रेच्युटी का भुगतान सेवानिवृत्ति के समय की वर्तमान दर के अनुसार किया जाए। साथ ही देश के सभी बड़े अस्पतालों में पेंशनभोगियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है। संघ ने डीवीसी प्रबंधन से इन मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र समाधान और वार्ता के लिए समय निर्धारित करने का आग्रह किया है। मांगपत्र की प्रतिलिपि संबंधित कर्मचारी संगठनों, डीवीसी प्रबंधन तथा पश्चिम बंगाल सरकार को भी भेजी गई है ।
बेरमो से राजेश सागर
