झारखंड: प्रवासी मजदूरों के हितार्थ 20 वर्षों से लगातार कार्य करने वाली संस्था झारखंडी एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष असलम अंसारी प्रवासी मजदूरों की समस्याओं को लेकर चार दिवसीय दौरा पर गुजरात गए।

गुजरात के अलग-अलग शहरों में झारखंड प्रदेश से रोजगार के लिए गुजरात आए प्रवासी मजदूरों के साथ मुलाकात किए एवं प्रवासी मजदूरों के साथ होने वाली समस्याओं से अवगत भी हुए। झारखंड प्रदेश के प्रवासी मजदूरों ने संघ के अध्यक्ष असलम अंसारी से अपनी समस्याओं को साझा किया और कहा कि सबसे पहले हम झारखंडी जनमानस को झारखंड में रोजगार नहीं मिलता है। मजबूरन हम झारखंडी जनमानस रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन करते हैं, तो हमें आने-जाने के लिए ट्रेन की भी व्यवस्था सरकार नहीं करती है। हम झारखंडी प्रवासी मजदूर जानवरों की तरह ट्रेनों में सफर करते हैं। एक सीट पर मजबूरन 4 से 5 लोग बैठकर 2000 हजार किलोमीटर का सफर करते हैं। ताकि हम अपने परिवारजनों का सही से भरण पोषण कर सकूं। यह सारी समस्याएं देखकर हमारे झारखंड प्रदेश के विधायक, सांसद सहित सरकार प्रवासी मजदूरों के हित के लिए ना कोई ठोस कदम उठाया और ना प्रवासी मजदूरों के लिए कोई नियम और नीति बनाए। सरकार प्रवासी मजदूर के हित में कुछ भी पहल नहीं कर पा रही है। जो हम झारखंडी प्रवासी मजदूरों के लिए दुर्भाग्य की विषय है।
संघ के अध्यक्ष असलम अंसारी प्रवासी मजदूरों की समस्याओं को सुनकर हक्का-बक्का रह गए एवं झारखंड प्रदेश के सभी प्रवासी मजदूरों को आश्वासन एवं भरोसा दिलाया कि बहुत जल्द इन समस्याओं को लेकर हम झारखंड सरकार और केंद्र सरकार के श्रम विभाग के अधिकारियों एवं मंत्री से मुलाकात कर इन सभी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखूंगा और बहुत जल्द इन समस्याओं को निदान करने के लिए कहूंगा ताकि भविष्य में प्रवासी मजदूरों के साथ इस प्रकार का समस्या उत्पन्न ना हो।
इन समस्याओं को लेकर संघ के अध्यक्ष असलम अंसारी जी ने सूरत के सांसद मुकेश दलाल और भारत सरकार के केंद्रीय जल शक्ति मंत्री चंद्रकांत रघुनाथ पाटिल से शिष्टाचार मुलाकात किए। और प्रवासी मजदूरों की समस्याओं से अवगत कराया है। इस पर सांसद महोदय और भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री जी ने सहमति जताते हुए हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाए हैं।
