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झारखंड: जलस्रोतों पर अवैध निर्माण करने वालों पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का सख्त निर्देश

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने नगर विकास एवं आवास विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और चालू वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारने में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री श्री सुदिव्य कुमार सहित राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

📢 मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश और कड़े फैसले

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने बैठक के दौरान शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को लेकर कई बड़े निर्देश दिए हैं:

1. जलस्रोतों से अतिक्रमण हटाना और सख्त कानूनी कार्रवाई

अवैध निर्माण होंगे ध्वस्त: नदी, डैम, तालाब और नालियों पर किए गए सभी अवैध निर्माण कार्यों को तत्काल बंद कराकर उन्हें ध्वस्त करने का निर्देश दिया गया है।

गहन सर्वे और प्राथमिकी (FIR): शहरी निकायों में ऐसे अवैध निर्माणों को चिन्हित कर लिखित नोटिस दिया जाएगा। अतिक्रमण न हटाने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी।

मुख्यमंत्री की अपील: मुख्यमंत्री ने आम जनता से अपील की है कि वे जलस्रोतों के पास किसी भी प्रकार का निर्माण न करें। उन्होंने कहा:

“नदी किनारे और जलस्रोतों पर अतिक्रमण करना पर्यावरण और जल निकासी के लिए गंभीर खतरा है। ऐसा कृत्य क्षमा योग्य नहीं है।”

2. कांके डैम का संरक्षण

डैम के कैचमेंट एरिया की जल्द मापी कराकर उसकी घेराबंदी की जाएगी।

डैम में सीधे गिरने वाले गंदे नालों को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया गया है ताकि पानी स्वच्छ और सुरक्षित रहे।

3. रिंग रोड पर सोलर पैनल और नई तकनीक

रांची समेत राज्य के सभी रिंग रोड के आसपास सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा प्रणाली विकसित की जाएगी और सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी। अगले 15 दिनों में इसका प्रस्ताव कैबिनेट से पारित करने का निर्देश दिया गया है।

रिंग रोड एरिया में वाटर पाइप लाइन और सीवर लाइन की संरचना भी विकसित होगी।

शहरों में स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, डिजिटल मॉनिटरिंग और आधुनिक शहरी नियोजन तकनीकों का उपयोग बढ़ाया जाएगा।

4. हर घर में वेस्ट मैनेजमेंट और वाटर हार्वेस्टिंग

शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक घर, अपार्टमेंट, बड़ी सोसायटियों और होटलों में स्वयं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वाटर वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था लागू करनी होगी।

रांची के झिरी स्थित कचरे के पहाड़ों (Legacy Waste) के निस्तारण के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने जनता से गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की अपील की ताकि कचरे का पुनर्चक्रण (Recycling) कर ऊर्जा या उर्वरक बनाया जा सके।

5. अन्य महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

पेड़ों की ट्रिमिंग: मानसून से पहले सड़कों के किनारे लगे पेड़ों की ट्रिमिंग कर उन्हें सुंदर आकार दिया जाए, जिससे बिजली के तारों और सड़कों पर हादसे न हों।

डिजिटल मॉनिटरिंग: योजनाओं में देरी को रोकने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को और अधिक मजबूत किया जाएगा।

सीवरेज प्लांट की समीक्षा: मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से राजमहल, साहिबगंज और धनबाद के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की प्रगति का अवलोकन किया।

👥 बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के प्रशासनिक अमले के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए:

श्री अविनाश कुमार (मुख्य सचिव, झारखंड)

श्री अजय कुमार सिंह (विकास आयुक्त)

श्री सुनील कुमार (प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग)

श्री सुशांत गौरव (आयुक्त, रांची नगर निगम)

श्री सूरज कुमार (निदेशक, सूडा)

श्रीमती नैंसी सहाय (निदेशक, डीएमए)

श्री बी०के० राय (पीडीटी, जुडको)

श्री राकेश कुमार नंदकुलियार (जीएम, स्मार्ट सिटी परियोजना)

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