टंडवा(चतरा)आम्रपाली परियोजना से फुलबसिया रेलवे साइडिंग तक कोयला ढुलाई कर रहे आरकेटीसी कोल ट्रांसपोर्टिंग में लगे हाइवे को आदिवासी रैयतों ने भूमि का रेंट नहीं मिलने से रोका। आदिवासियों भू-दाता के भूमि से होकर कोल ढुलाई की कार्य वर्षों से किया जा रहा था।आरकेटीसी कोल ट्रांसपोर्टिंग के दलालों एवम दबंगों द्वारा आदिवासी रैयतों का भूमि की एग्रीमेंट कर के राशि भुगतान नहीं करने पर रैयतो ने कोल ढुलाई किया बन्द। आरकेटीसी की कोल ट्रांसपोर्टिंग करने की समय सीमा सिर्फ दो से चार दिन की वैधता बताया जा रहा है। रैयतों को भीतरघात कर वारे- न्यारे करने में जुटे दलाल को अब छूटने लगी है पसीना। मैनेजिंग के नाम पर कोल ट्रांसपोर्टिंग के कुछ दलाल मैनेजिंग की मोटी रकम खाकर हो गए हैं मस्त,अब खुलने लगी है इसकी काली करतूत। बड़ी सवाल यह है कि आखिर किसके द्वारा दलालो को संरक्षण दिया जा रहा है जो दलाल द्वारा आदिवासियों के छल कर रहे है। इसकी जांच उच्च अधिकारियों द्वारा हुई तो बड़ी खुलासा हो सकता है।

