बेरमो: केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने सीसीएल के मेगा प्रोजेक्ट के तहत 732 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कारो और खासमहल में दो कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी योजनाओं को समय पर पूरा किया जा रहा है। जो शिलान्यास होता है उसका उद्घाटन भी समय पर होता है. यह योजना झारखंड और पूरे क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी.श्री दुबे ने कहा कि कोनार परियोजना में 322 करोड़ और कारो परियोजना में 410 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। यह परियोजनाएं प्रदूषण नियंत्रण में मदद करेंगी और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर प्रदान करेंगी. मंत्री ने कहा, झारखंड के विकास से बिहार का भी सम्मान बढ़ेगा। बिहार हमेशा बड़े भाई की भूमिका में खड़ा है. झारखंड में मौजूद खनिज संसाधन प्रदेश को तेजी से विकसित करेंगे। वही मौके पर विस्थापित रैयत लोगो में काफी नाराजगी देखने को मिली विस्थापित लोगों ने कहा कि मंत्री सतीश चन्द्र दुबे के द्वारा विस्थापित के मुद्दे पर पूरी तरह से मौन रहे। विस्थापित लोगों ने कहा कि हमलोग अपना जमीन दिया है जमीन के बदले आज हम लोग दर-दर के ठोकर खाने को मजबूर हैं पर ना कोल इंडिया और न मंत्री के द्वारा किसी तरह का कोई समाधान निकाला जा रहा है। कोल इंडिया के अध्यक्ष पीएम प्रसाद ने जानकारी दी कि बीएंडके एरिया में बनने वाले दोनों सीएचपी की कुल क्षमता 12 मिलियन टन होगी। कोनार परियोजना में 5 मिलियन टन और कारो परियोजना में 7 मिलियन टन क्षमता के सीएचपी का निर्माण किया जा रहा है। इन अत्याधुनिक प्लांट्स से कोयले का डिस्पैच सीधे रेलवे साइडिंग के माध्यम से होगा, जिससे रोड ट्रांसपोर्टिंग से होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी और डिस्पैच प्रक्रिया तेज होगी.इस मौके पर सीसीएल के सीएमडी निलेनदु कुमार सिंह, सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, पूर्व सांसद रवींद्र कुमार पांडेय, विधायक कुमार जय मंगल सिंह, पूर्व विधायक योगेश्वर महतो बाटुल, सीसीएल तकनीक योजना एवं परियोजना सतीश कुमार झा,निर्देशक कार्मिक हर्षनाथ मिश्रा,बीएंडके जीएम के रामाकृष्णा सहित पूर्व चेयरमैन राकेश कुमार सिंह सहित यूनियन नेता लखन लाल महतो, देवतानंद दूबे, विनोद महतो, ओम प्रकाश सिंह,अभाष चंद्र गागुली, शक्ति मंडल,अनिल सिंह,दिनेश पांडेय,प्रताप सिंह,संतोष ओझा मुख्य रूप से शामिल थे।

