गोमिया: शुक्रवार तड़के सुबह 05 बजे के करीब गंझुडीह के समीप रेलवे ट्रेक पर 58 वर्षीय महेंद्र रविदास की मालगाड़ी के चपेट में आने से कटकर मौत हो गई, जिससे पुरे गांव में शोक का माहौल है।
बोकारो थर्मल से गोमिया रेल मार्ग के वीच सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें 58 वर्षीय महेंद्र रविदास की मालगाड़ी की चपेट में आने से कटकर मौत हो गई, घटना स्थल हजारी पंचायत अंतर्गत गंझूडीह गांव के समीप रेलवे ट्रैक पर यह दर्दनाक हादसा हुई।
सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि महेंद्र रविदास सुबह लगभग 5 बजे शौच के लिए रेलवे लाइन पार कर रहे थे, की तभी अप और डाउन दोनों ट्रैक पर एक साथ ट्रेन आने से यह घटना घटित हुआ, एक पे मालगाड़ी और दुसरे पर चार बोगियों के साथ निरीक्षण करने वाली ट्रेन एक साथ गुजर रही थी. इसी क्रम में महेंद्र रविदास मालगाड़ी की चपेट में आ गए और पोल संख्या 44/31 और 44/33 के बीच ट्रैक पर कटकर उनकी मौके पर ही मौत हो गई।हादसा इतनी भयानक थी जिसके कारण शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया, जिससे पहचान करना कठिन हो गया था, बाद में उनके परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी कपड़ों के आधार पर महेंद्र रविदास की पुष्टि किए।
महेंद्र रविदास के निधन से परिवार और गांव में शोक की लहर उत्पन्न हो गई है। मृतक अपने पीछे अपनी पत्नी के अलावे छह बेटियाँ और एक पुत्र मुकेश रविदास को छोड़ गए हैं, जो की मुंबई में काम कर रहा है,इस घटना से महेन्द्र रविदास के एकलौते पुत्र पिता के अचानक हुए मौत से सदमें में है,किसी तरह से परिजनों ने हौसला और ढाढस बंधाई,आज एक पुत्र अपने पिता के अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हो सकेगा और दुसरी तरफ इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है,जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भी शोक का महौल उत्पन्न हो गई है।
इस घटना की जानकारी मिलते ही हजारी पंचायत की मुखिया तारामणि देवी, पूर्व मुखिया चंद्रदेव पासवान, आजसू के केंद्रीय सचिव राजेश विश्वकर्मा, ग्रामीण सुंदर लाल राम, गब्बर राम, शंभू राम, राजेंद्र राम, राजू राम और अन्य लोग मौके पर पहुंचे, गोमिया जीआरपी थाना प्रभारी भीम राम और गोमिया थाना के अवर निरीक्षक मनीष कुमार भी अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुँचे और परिजनों ने उनके कपड़े पेंट और चप्पल के जरिए पहचान की पुष्टि करी प्रशासन ने शिनाख्त और पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए शव को तेनुघाट अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया जहाँ डाॅक्टरों के द्वारा बाॅडी परिक्षण करके शव को परिजनों को सौंप दिया।
शिवशंकर सिंह की रिपोर्ट,
