टंडवा : प्रखंड क्षेत्र के ग्राम सेरनदाग गांव में भव्य शिव शक्ति मंदिर निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बाजार टांड चबूतरा पर बैठक आयोजित की गई। *बैठक की अध्यक्षता श्री बलदेव प्रसाद साहू ने की, जबकि संचालन श्री मोहन कुमार* द्वारा किया गया। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित हुए, जिन्होंने मंदिर निर्माण तथा यज्ञ आयोजन की लंबे समय से चली आ रही इच्छा को सामूहिक रूप से व्यक्त किया।
बैठक में गांव के धार्मिक एवं सांस्कृतिक विकास को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से *शिव शक्ति मंदिर विकास समिति ट्रस्ट के गठन का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया*। ट्रस्ट का उद्देश्य मंदिर निर्माण कार्य को पारदर्शी, सुगठित और योजनाबद्ध ढंग से संचालित करना साथ ही समिति द्वारा गांव में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का समय-समय पर आयोजन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
ट्रस्ट गठन की दिशा में आगे बढ़ते हुए आजीवन सदस्यता शुल्क 5100/ (पांच हजार एक सौ रुपये मात्र) तय कर सदस्यता अभियान प्रारंभ किया गया है l बैठक में *श्री उत्तम प्रसाद साहू बलदेव प्रसाद साहू पारस कुमार गुप्ता सुरेश साहू डॉक्टर सुरेश साहू गणेश कुमार कृष्ण कुमार उर्फ डब्लू कुमार गौतम साहू त्रिवेणी आनंद संतोष कुमार साहू कृष्णा साहू पंकज कुमार कश्यप रामकुमार साहू कामेश्वर कुमार गुप्ता सुबोध कुमार मोहन कुमार तारकेश्वर कुमार गुप्ता सुरेश कुमार कृष्ण कुमार जगन्नाथ साहू मनोज कुमार एवं जिला परिषद सदस्य श्रीमती देवती देवी अंचल अधिकारी बालूमाथ श्री बालेश्वर राम साहू* सहित दर्जनों भक्तों ने उत्साहपूर्वक आजीवन सदस्य बने। ग्रामीणों के सुझावों और सहयोग को महत्व देते हुए समिति ने बताया कि मंदिर निर्माण के प्रत्येक चरण में गांव की आस्था और जनभागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी। सदस्यता अभियान पूर्ण होने के पश्चात ट्रस्ट का विधिवत रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा, जिसके बाद मंदिर निर्माण की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू होगी।
समिति ने सेरनदाग के सभी श्रद्धालुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं से अनुरोध किया है कि वे इस पवित्र कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। समिति का कहना है कि गांव में एक भव्य, दिव्य और सांस्कृतिक पहचान का केंद्र बनने वाला शिव शक्ति मंदिर शीघ्र ही साकार रूप लेगा।
साथ ही बैठक में ट्रस्ट संचालन नियमावली को अंतिम रूप दिया गया lआगामी दिनों में गांव के समस्त ग्रामीणों की एक विस्तृत बैठक फिर से आयोजित की जाएगी, जिसमें समिति के कार्यों, सदस्यों के दायित्वों और भविष्य की योजनाओं पर औपचारिक निर्णय लिया जाएगा
