मेदिनीनगर (पलामू): जोरकट टोल प्लाजा पर टोल शुल्क बचाने के चक्कर में भारी वाहनों ने ग्रामीण सड़कों को अपनी बाईपास लेन बना लिया है। मेदिनीनगर होकर आने-जाने वाली सैकड़ों गाड़ियां अब अपना मुख्य मार्ग डायवर्ट कर लहलहे से लेस्लीगंज होकर पोखराहा फोरलेन पहुंच रही हैं। इस वजह से हल्के और ग्रामीण परिवहन के लिए बनाई गई सड़कें पूरी तरह से जर्जर और बदहाल हो चुकी हैं।
मुख्य समस्याएं और वर्तमान स्थिति
ग्रामीण सड़कों का भारी नुकसान: जिस सड़क को स्थानीय ग्रामीणों की आवाजाही और हल्के वाहनों के लिए तैयार किया गया था, उस पर दिन-रात भारी ट्रकों और कमर्शियल वाहनों का कब्जा हो गया है। सड़क की क्षमता से अधिक लोड होने के कारण कोलतार उखड़ चुका है और जगह-जगह जानलेवा गड्ढे बन गए हैं।
दुर्घटनाओं की बढ़ी आशंका: संकरी ग्रामीण सड़कों पर बड़े और तेज रफ्तार वाहनों के प्रवेश से स्थानीय ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और राहगीरों का चलना दूभर हो गया है। आए दिन इस रूट पर छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे इलाके में भारी आक्रोश है।
टोल टैक्स की चोरी: वाहनों द्वारा रूट डायवर्ट करने का मुख्य कारण जोरकट टोल प्लाजा के शुल्क से बचना है। कमर्शियल गाड़ी मालिक चंद रुपयों की बचत के लिए सरकारी संपत्ति (ग्रामीण सड़क) और लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों की मांग
“हम पलामू जिला प्रशासन और उपायुक्त से अतिशीघ्र इस विषय पर संज्ञान लेने की मांग करते हैं। ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों के प्रवेश पर तुरंत रोक (नो-एंट्री) लगाई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।”
