दिल्ली: संसद परिसर में उस समय सियासी हलचल तेज हो गई, जब आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद तेज बारिश के बीच पूरी रात धरने पर बैठे रहे। वे पिछले कई दिनों से जारी छात्रों के आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।

मुख्य बिंदु:
बारिश में रात भर धरना: खराब मौसम और तेज बारिश के बावजूद सांसद चंद्रशेखर आजाद संसद परिसर में डटे रहे और छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।
छात्रों के साथ एकजुटता: चंद्रशेखर आजाद बीते कई दिनों से लगातार आंदोलनरत छात्रों के साथ खड़े हैं और उनकी मांगों का समर्थन कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग: सांसद का आरोप है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, जिसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
देश भर में छात्रों के विभिन्न मुद्दों और भर्ती परीक्षा विवादों को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। छात्रों की मांगों को जायज ठहराते हुए सांसद चंद्रशेखर आजाद ने इस लड़ाई को संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह मजबूती से उठाने का फैसला किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता और शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन अलग-अलग माध्यमों से जारी रहेगा।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
