तेनुघाट: शिक्षा से संबंधित अव्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जंतर मंतर से संसद भवन की ओर मार्च कर रहे निहत्थे छात्रों पर किए गए बराबर लाठी चार्ज का देशभक्त नागरिक मंच, बोकारो निंदा करती है। देशभक्त नागरिक मंच की ओर से आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंच के संयोजक इफ्तेखार महमूद ने कहा कि केंद्र सरकार के नियंत्रण वाली दिल्ली पुलिस के व्यवहार से भारतीय जनता पार्टी का लोकतंत्र का दिखावटी मुखौटा उतर गया है।
श्री महमूद ने कहा कि सोनम वांगचुक के पिता स्वर्गीय सोनम बंग्याल ने वर्ष 1984 ईस्वी में लद्दाख में आमरण अनशन किया था तो तात्कालिक प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने लद्दाख जाकर सोनम वांगचुक के पिता से बात करके उनका अनशन खत्म करवाई थी। वर्ष 2011 ईस्वी में अनशन पर बैठे अन्ना हजारे से बात करने के लिए मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने एक केंद्रीय मंत्री को प्रतिनियुक्ति किया था और समझौता के बाद जंतर मंतर में आयोजित अन्ना हजारे का अनशन समाप्त किया गया था। किंतु भाजपा का नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अनशनकारी सोनम वांग एवं छात्रों के साथ जो दमनकारी रास्ता अपनाया है उसका लोकतंत्र में कोई जगह नहीं है। मंच के सह संयोजक अरुण यादव ने कहा कि वांगचुक के अनशन पर बाबा रामदेव, श्री श्री इत्यादि की चुप्पी उन लोगों के बीजेपी भक्त को उजागर करता है।
देशभक्त नागरिक मंच की ओर से श्री महमूद ने देश के भविष्य के लिए चल रहे छात्रों के आंदोलन को हर तरह से मदद पहुंचाने का घोषणा किया।
संवाददाता सम्मेलन में श्री महमूद के अलावा राष्ट्रीय जनता दल के नेता एवं मंच के सह संयोजक अरुण यादव,तंजीम ए इंसाफ के अनवर रफी, यूथ फेडरेशन के प्रखंड प्रभारी कमालुद्दीन, राजद के धीरज कुमार इत्यादि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
