चार पीढ़ियों की कुर्बानी के बाद प्रपौत्री शेख इम्तेशाम अली बचा रहीं हजारों जिंदगियां
चतरा/रांची: झारखंड में 1857 क्रांति का एक ऐसा परिवार है, जिसके एक नहीं, दो नहीं बल्कि चार-चार पीढ़ियों ने इस देश और राज्य के लिए कुर्बानी दी है और झारखंड का गौरव बढ़ाया है।
इस वीर गाथा का पहला नाम शहीद शेख भिखारी जी का लिया जाता है। शेख भिखारी जी वह भारत के पहले सपूत थे, जिन्होंने 5 हजार से ज्यादा अंग्रेजों को मार गिराया और इतना बड़ा आंदोलन खड़ा कर अंग्रेजों को धूल चटाने में सफल रहे। आज उन्हीं के घराने की बेटी जिंदगी और मौत से लड़ रहे लोगों की जान बचाने में सफल रही है। जिनका नाम है शेख इम्तेशाम अली। शेख इम्तेशाम अली वीर घराने की बेटी, झारखंड एकता मंच की प्रदेश अध्यक्ष, फातिमा स्कूल की निदेशक और वीर योद्धा क्रांतिकारी शहीद शेख भिखारी जी की प्रपौत्री हैं।अपने दादा-परदादा की तरह ही वे देश और राज्य में मुफ्त में सेवा दे रही हैं। रक्तदान-महादान के माध्यम से लोगों की जान बचाने में सफल रही हैं। अपनी टीम के द्वारा अब तक 25,223 यूनिट ब्लड देकर हजारों जिंदगियां बचा चुकी हैं। इसी कारण शेख इम्तेशाम अली झारखंड की 1857 की पहली बेटी ‘द ब्लड वुमन’ बनी हैं। जबकि 1857 के कई वंशज किसी तरह अपना जीवन गुजारा कर रहे हैं, लेकिन यह बेटी बिना किसी प्रचार के मुफ्त में सेवा दे रही है। झारखंड के किसी भी हॉस्पिटल में जरूरत हो, उनकी टीम पहुंच जाती है, लेकिन कभी बताना जरूरी नहीं समझा, सिर्फ इसलिए क्योंकि यह पुण्य का काम है।
लेकिन अच्छा संदेश सबको दिखना चाहिए और झारखंड सरकार की तरफ से इनको सम्मान भी मिलना चाहिए।
कामेश्वर गुप्ता की रिपोर्ट,
