बेरमो: दामोदर घाटी निगम, बोकारो ताप विद्युत केंद्र, बोकारो थर्मल के बिरसा मुंडा भवन स्थित सम्मेलन कक्ष में दिनांक 29.09.2026 को राजभाषा कार्यान्वयन उपसमिति के तत्वावधान में राजभाषा अनुभाग द्वारा “तकनीकी एवं वैज्ञानिक कार्यों में हिंदी का प्रयोग” विषय पर राजभाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके उपरांत मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान तथा अध्यक्ष, राजभाषा कार्यान्वयन उपसमिति सुशील कुमार अरजरिया, वरिष्ठ महाप्रबंधक (ओ एंड एम) मधुकर श्रीवास्तव, महाप्रबंधक (मा.सं.) अलेक्जेंडर कुजूर, उप महाप्रबंधक (यांत्रिकी) अखिलेंदु सिंह, प्रबंधक (वि) चंचला कुमारी, संकाय सदस्या दिव्या सरोज, शिक्षिका छाया सिन्हा तथा राजभाषा नोडल अधिकारी केरला टुडू ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन किया।
अपने उद्घाटन संबोधन में मुख्य महाप्रबंधक सुशील कुमार अरजरिया ने कहा कि कार्यशाला का विषय वर्तमान संदर्भ में अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने तकनीकी क्षेत्रों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। वरिष्ठ महाप्रबंधक मधुकर श्रीवास्तव ने कहा कि तकनीकी एवं वैज्ञानिक कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग से कार्यालयीन कार्य अधिक सहज एवं प्रभावी बनेंगे।
कार्यशाला में संकाय सदस्या सुश्री दिव्या सरोज ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक कार्यों में हिंदी के प्रयोग, कार्यालयीन कार्यों में इसकी उपयोगिता तथा तकनीकी विषयों को हिंदी में सहज रूप से अभिव्यक्त करने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यशाला के संचालन के क्रम में सहायक नियंत्रक (यांत्रिकी) दीनानाथ शर्मा ने भारतीय भाषायी परंपरा की ऐतिहासिक यात्रा, संविधान के अनुच्छेद 343 से 351, राजभाषा अधिनियम 1963 तथा राजभाषा नियम 1976 के प्रमुख प्रावधानों पर संक्षेप में प्रकाश डाला। साथ ही बीटीपीएस में राजभाषा के प्रचार-प्रसार के लिए आयोजित गतिविधियों की जानकारी दी।
प्रश्नोत्तर सत्र में शिव मोहन गुप्त, चंद्र भूषण जायसवाल, मनोज कुमार गुप्ता, दीपक कुमार, संजय राय, रवि चक्रवर्ती तथा केरला टुडू सहित अन्य प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की।
कार्यशाला के सफल आयोजन में सहायक ग्रेड-I (राजभाषा) तारकेश्वर प्रसाद जैसवारा का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में महाप्रबंधक (मा.सं.) द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
राजेश सागर की रिपोर्ट,
