टंडवा(चतरा) के प्रस्तावित वृंदा-सिसई कोल ब्लॉक के किसनपुर खुल्हा वन भूमि पर जालसाज कंपनी द्वारा गुप्त तरीके से ड्रोन कैमरा व अन्य चीजों से वन भूमि को मापी और के सर्वे कराने के फिराक में जुटे कंपनी व इसके गुर्गे कर्मियों को ग्रामीणों ने खदेड़ा। ग्रामीणों को भनक लगते ही बाइक ड्रोन कैमरा छोड़कर फरार होते ग्रामीणों ने कंपनी के दो लड़कों को पकड़ा। पकड़े गए लड़के कई राज खोला, गांव के दलालों के सह पर तो, कभी कंपनी के कहने पर वन भूमि पर जालसाजी करने के लिए कर रहा था खेला। कहा गांव के ही कुछ दलाल मिली भगत से वृंदा-सिसई कोल ब्लॉक वन भूमि पर जालसाजी का खेल। गांव के ग्रामीणों को भीड़ जुटा कर विरोध का हवाला देकर दलाल और कंपनी के शातिरों मैनेजमेंट से मैनेज के नाम पर मोटी रकम का वारे न्यारे की सूचना। बताया गया गुप्त तरीके से रैयतों के भूमि और वन भूमि पर सर्वे करने के एवज में दलालों मोटी रकम लिया है। वन विभाग ने सर्वे संबंधित कार्य करवाने से किया इंकार। कौन है शातिर भीतरघात जो दलालों को नियुक्त करके वन भूमि पर फर्जीवाड़ा कर गांव में माहौल खराब करने का रच रहा है साजिश…? पूर्व में ही ग्रामीणों द्वारा वन भूमि सर्वे में लगे दो बाइक किया था जप्त। दलालो लाखों रुपया का वारे न्यारे कर ग्रामीणों को दिग्भर्मित कर के बाइक ले भागा।
जालसाजी व फर्जीवाड़ा का गंदी साजिश पर वृंदा सिसाई कोल माइंस से तीन कंपनियां हाथ धोने के बाद डालमिया कंपनी ने एक जालसाज जीएम को नियुक्त कर जालसाजी का दिया है ठेकेदारी। वृंदा सिसाई वन भूमि पर जालसाजी करने को ले गांव में टुकड़े गैंग बनाकर अवैध लाखो रुपया ग्रामीणों को देखकर फर्जीवाड़ा सौदा करने की सूचना। चोरी चुपके पकड़े जाने के बाद कंपनी को बढ़ सकती है मुश्किल। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रारंभिक से ही पुतला दहन दीवाल लेखन कर के किया है विरोध।
कामेश्वर गुप्ता की रिपोर्ट,
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980