Ranchi: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा के पेपर लीक मामले में सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) को कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। अभ्यर्थियों ने 22 सितंबर को सामान्य ज्ञान पेपर-3 की परीक्षा में पूछे गए सवालों के जवाब का वीडियो और फोटो एसआईटी को सौंपा है।
अभ्यर्थियों का दावा है कि उन्हें 21 सितंबर की रात 10:57 बजे ही मोबाइल पर सवालों के जवाब मिल गए थे। परीक्षा के बाद प्रश्न पत्र से मिलान करने पर अधिकतर प्रश्नों के उत्तर वही पाए गए। इसके साथ ही, अभ्यर्थियों ने एसआईटी को पांच मोबाइल फोन भी साक्ष्य के रूप में सौंपे हैं।
सीआईडी की एसआईटी अब इन सबूतों की फॉरेंसिक जांच करवा रही है ताकि यह पुष्टि की जा सके कि अभ्यर्थियों का दावा सही है या नहीं। जांच टीम रातू थाने में दर्ज एफआईआर की भी जांच कर रही है, जो हजारीबाग निवासी राजेश प्रसाद की शिकायत पर दर्ज की गई थी।
गिरिडीह निवासी रामचंद्र मंडल ने बलियापुर परीक्षा केंद्र पर एक व्यक्ति को मोबाइल पर बात करते हुए और कागज पर कुछ लिखते हुए देखा। उन्होंने उस कागज की फोटो ली, जिसमें परीक्षा में पूछे गए सवालों के जवाब थे। इसी तरह, धनबाद के कुमार बीएड कॉलेज में भी एक परीक्षार्थी को कागज पर जवाब लिखते हुए देखा गया।
सीआईडी ने एक विज्ञापन जारी कर लोगों से पेपर लीक के सबूत मांगे थे। एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि कई अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले सवालों के जवाब रटवाए गए थे।
इस मामले में हाईकोर्ट ने JSSC CGL परीक्षा का रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी है, और अगली सुनवाई 22 जनवरी को होगी। ने JSSC पेपर लीक के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि परीक्षा में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
