Home » News Update » राष्ट्रीय स्वाभिमान दिवस के रूप में मनायी गई राष्ट्रगौरव महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि।

राष्ट्रीय स्वाभिमान दिवस के रूप में मनायी गई राष्ट्रगौरव महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि।

“राष्ट्रगौरव महाराणा प्रताप अमर रहें” के नारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान।

राँची: भारत के वीर शिरोमणि महान योद्धा राष्ट्रगौरव महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि को झारखंड क्षत्रिय राजपूत महापंचायत एवं महाराणा प्रताप स्मृति संस्थान की केंद्रीय इकाई ने “राष्ट्रीय स्वाभिमान दिवस के रूप में संयुक्त तत्वाधान में मनाया। झारखंड क्षत्रिय राजपूत महापंचायत एवं महाराणा प्रताप स्मृति संस्थान के केंद्रीय इकाई के पदाधिकारियों ने रविवार की अपराह्न को झारखंड प्रदेश के राँची महानगर अंतर्गत पुराना विधानसभा के सामने धुर्वा के सेक्टर टू गोलचक्कर अवस्थित राष्ट्रगौरव महाराणा प्रताप के आधार स्तंभ में स्थापित तैलचित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया।राष्ट्रीय स्वाभिमान दिवस के अवसर पर आयोजित राष्टरत्न महाराणा प्रताप स्मृति समारोह का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।इस अवसर पर राष्टरत्न महाराणा प्रताप के संघर्ष व बलिदान से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने का युवाओं ने संकल्प लिया।इस दौरान मौजूद लोगों ने राष्टरत्न महाराणा प्रताप की तरह स्वाधीनता और सम्मान के लिए जीवन भर लड़ने की प्रतिज्ञा की। इस मौके पर मौजूद गणमान्यों ने अपने संबोधन में एक स्वर से कहा कि महाराणा प्रताप राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक हैं सर्वसमाज उनके प्रति आस्थावान है।देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने उन्होंने अंतिम क्षण तक लड़ाई लड़ी जो समस्त भारतवासियों के लिए प्रेरणा है।महान पराक्रम और स्वाभिमान के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए गणमान्यों ने उनके अदम्य साहस और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण से सदैव प्रेरणा लेने की बात कही।उपस्थित लोगों ने राष्टरत्न महाराणा प्रताप के विचारों पर चलने का संकल्प लिया और उनकी वीरगाथा को घर घर तक पहुचाने का निर्णय लिया एवं देश पर संकट के समय सभी को एकजुट होकर राष्ट की अखंडता के लिए समर्पित होने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों लोगों ने “राष्ट्रगौरव महाराणा प्रताप अमर रहें” के नारों से एवं राष्टरत्न महाराणा प्रताप के जयकारों से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया।अंत में वक्ताओं ने अपने धन्यवाद ज्ञापन में कहा कि राष्ट्रगौरव महाराणा प्रताप की सेना में भील, आदिवासी, अल्पसंख्यक, वैश्य, अगरे-पिछड़े सहित सभी वर्गो के लोग शामिल थे जो राष्टरत्न महाराणा प्रताप की समावेशी सोच को दर्शाता है।पुण्यतिथि कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी शिवाजी सिंह, झारखंड क्षत्रिय राजपूत महापंचायत के संयोजक संजय सिंह,भूतपूर्व विधान पार्षद स्व. रामानंद सिंह के सुपौत्र समाजसेवी प्रो.(डॉ.)धीरज सिंह सूर्यवंशी, झारखंड क्षत्रिय राजपूत महापंचायत के समन्वयक मनीष सिंह,दिलीप सिंह,पुरुषोत्तम सिंह राठौड़, अशोक सिंह, राम सिंह, धर्मेंद्र सिंह, विनोद सिंह, अविनाश सिंह, हरि सिंह, महेश सिंह, सुनील सिंह, विकास सिंह, वीर सिंह, अंशुमान सिंह, श्यामसुंदर सिंह, पी एम सिंह, जितेंद्र सिंह, सुमित सिंह,अनिल कुमार आदि सहित भारी संख्या में महाराणा प्रताप स्मृति संस्थान के पदाधिकारीगण एवं कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे। अंत में प्रो (डॉ.)धीरज सिंह “सूर्यवंशी” ने “राष्ट्रभक्ति की खुशबू आती है, उस मेवाड़ी माटी से।स्वाभिमान क्या होता है, वो सीखो हल्दीघाटी से।। के सारगर्भित संबोधन के साथ राष्ट्रीय स्वाभिमान दिवस कार्यक्रम का विधिवत समापन किया।

Shamsher Editor in chief
Author: Shamsher Editor in chief

14/08/1980

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