Home » News Update » राज्य के किसी भी कोने में वज्रपात या किसी भी आपदा में मौत पर एक हफ्ते में मुआवज़ा: मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का बड़ा फैसला

राज्य के किसी भी कोने में वज्रपात या किसी भी आपदा में मौत पर एक हफ्ते में मुआवज़ा: मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का बड़ा फैसला

वज्रपात पीड़ित परिवार को मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आपदा विभाग से ₹4 लाख का मुआवजा प्रदान किया

दोनों बच्चों को पढ़ाऊंगा, लिखाऊंगा और समाज में आगे लाऊंगा: मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का भावुक संकल्प

गरीबों के आंसुओं में बहुत ताकत होती है, बाबूलाल जी…मैं उन्हीं आंसुओं की हिफाज़त कर रहा हूं-डॉ इरफान

भाजपा भावनाओं की राजनीति करती है, मैं निष्पक्ष सेवा में समर्पित हूं: डॉ. इरफान अंसारी

“मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।” – डॉ. इरफान अंसारी

 

झारखंड के यशस्वी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर झारखंड सरकार के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बड़ा और सराहनीय फैसला लेते हुए घोषणा की है कि राज्य के किसी भी कोने में वज्रपात या किसी भी प्रकार की आपदा में अगर किसी की मृत्यु होती है, तो पीड़ित परिवार को एक सप्ताह के भीतर मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

वज्रपात की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में एक मासूम जामताड़ा के बोधबांध के 25 वार्षिय बाबुजन सोरेन की असामयिक मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को शोकाकुल कर दिया। इस कठिन घड़ी में झारखंड सरकार के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी स्वयं पीड़ित परिवार के पास पहुँचे और अपने संवेदनशील एवं मानवतावादी दृष्टिकोण का परिचय देते हुए ऐसे कार्य किए, जो वर्षों तक लोगों के दिलों में बस जाएंगे।

डॉ. अंसारी ने पीड़ित परिवार को आपदा विभाग की ओर से ₹4,00,000 (चार लाख रुपये) की सहायता राशि देने की घोषणा की, जो एक सप्ताह के भीतर पीड़ित परिवार के खाते में हस्तांतरित कर दी जाएगी। कुछ तकनीकी त्रुटियों के कारण मामूली विलंब हुआ, किंतु मंत्री जी ने स्पष्ट रूप से भरोसा दिलाया कि सहायता समयबद्ध रूप से पहुंचेगी।

लेकिन यह मदद केवल आर्थिक नहीं थी – मंत्री जी ने जो किया, वह दिल छू लेने वाला था। उन्होंने दिवंगत बच्चे के दो छोटे भाइयों को गोद लेने की घोषणा की और कहा कि वे दोनों बच्चों को रांची में अपने आवास पर रखकर पढ़ाई-लिखाई कराएंगे और उन्हें एक उज्ज्वल भविष्य देंगे। उन्होंने कहा,

“गरीबों के आंसुओं में बहुत ताकत होती है। मैं उन्हीं आंसुओं की हिफाज़त कर रहा हूं। मुझसे गरीबों का दुख नहीं देखा जाता।”

इस भावुक क्षण में मंत्री जी ने दोनों बच्चों को गले से लगा लिया, और पूरे गाँव की आंखें नम हो गईं। गांववासियों ने एक स्वर में कहा, “अब जब मंत्री जी आ गए हैं, तो हमें पूरा भरोसा है कि पीड़ित परिवार को न्याय और पूरी मदद मिलेगी।”

डॉ. अंसारी ने यह भी कहा कि दुख की घड़ी में प्रेम, करुणा और सहानुभूति किसी भी धार्मिक पहचान से कहीं बड़ी होती है। उन्होंने कहा,

“भाजपा जहां लोगों की भावनाओं से राजनीति करती है, मैं दिन-रात बिना किसी भेदभाव के जनता की सेवा में समर्पित हूं।”

इस अवसर पर मंत्री जी भावुक दिखे और उन्होंने यह संदेश दिया कि “मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।”

एक बार फिर, डॉ. इरफान अंसारी ने यह साबित किया कि वे न केवल एक नेता हैं, बल्कि एक सच्चे जनसेवक और संवेदनशील इंसान भी हैं, जो हर परिस्थिति में अपने लोगों के साथ खड़े रहते हैं।

Shamsher Editor in chief
Author: Shamsher Editor in chief

14/08/1980

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