गिरिडीह पूर्वी वन प्रमंडल अंतर्गत गिरिडीह वन प्रक्षेत्र के कुमहरलालो स्थित नवनिर्मित जैव विविधता पार्क के प्रांगण में 76 वें वन महोत्सव का आयोजन एक वृक्ष मां के नाम 2.0 थीम के अंतर्गत किया गया गया।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से लड़ना, मिट्टी के कटाव को रोकना और जैव विविधता को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर कार्यक्रम को दिशोम गुरु दिवंगत शिबू सोरेन जी के आकस्मिक निधन हो जाने के कारण सादगी के साथ मनाया गया। वंही कार्यक्रम की शुरुआत दिशोम गुरु दिवंगत शिबू सोरेन के तस्वीर पर माल्यार्पण कर एवम् उनके याद में एक मिनट का मौन व्रत रखकर किया गया । इस मौके पर आगंतुक अतिथियों ने वृक्षारोपण किया साथ ही ग्रामीणों को वन लगाने और वन बचाने का संकल्प दिलाया गया एवं ग्रामीणों के बीच फलदार पौधों का वितरण किया गया।
इस अवसर पर वन प्रमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार तिवारी ने बताया कि कुम्हारलालो ग्राम में लगभग 94 हैकटेयर वन भूमि पर जैव विविधता पार्क का निर्माण कराया जा रहा है। जिसमें लगभग 300 प्रजातियों के 50,000 पौधों का पौधारोपण होगा। यह पार्क झारखंड का सबसे बड़ा जैव
विविधता पार्क होगा।
जिला पर्यावरण समिति सदस्य राज कुमार राज जी ने कहा कि यह एक दिन कार्यक्रम नहीं है, सालों भर हमे वन एवं वन्य जीव संरक्षण हेतु प्रयास करने होंगे। ध्यानवाद ज्ञापन वन क्षेत्र पदाधिकारी संजीव कुमार रवि ने किया।
इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज मरांडी, जिला परिषद अध्यक्षा मुनिया देवी, कुम्हारलालो मुखिया अनीता बरनवाल, पालगंज मुखिया बिरजू साव, उप प्रमुख पीरटांड़ प्रतिनिधि महेंद्र महतो, वनपाल रोहित कुमार पानूरी, सागर विश्वकर्मा, वनरक्षी अमर विश्वकर्मा, सिकंदर पासवान, सुरुचि कुमारी, अशोक कुमार, दीपक महतो, आशीष रंजन मिश्रा, सुमित सिंह समेत गिरिडीह एवं पारसनाथ वन प्रक्षेत्र के सभी कर्मचारी एवं सैकड़ो ग्रामीण उपस्थित थे।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
