जामताड़ा। समाहरणालय सभागार में जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले में चल रही विभिन्न केंद्रीय और राज्य प्रायोजित जनकल्याणकारी तथा विकासात्मक योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य रूप से झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष सह नाला विधायक रवींद्रनाथ महतो, दुमका लोकसभा क्षेत्र के सांसद नलिन सोरेन और सारठ के विधायक उदय शंकर सिंह समेत कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे।

इन प्रमुख विभागों की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने विभागवार योजनाओं के क्रियान्वयन, अब तक मिली उपलब्धियों और उनके सामने आ रही चुनौतियों की समीक्षा की। मुख्य रूप से निम्नलिखित विभागों पर चर्चा हुई:
ग्रामीण विकास एवं सड़क निर्माण: गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने और पक्के निर्माण कार्यों में तेजी लाने पर जोर।
पेयजलापूर्ति एवं जल जीवन मिशन: हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की स्थिति की समीक्षा।
शिक्षा एवं स्वास्थ्य: सरकारी स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर करने के निर्देश।
विद्युत एवं कृषि: किसानों को समय पर बिजली, खाद-बीज की उपलब्धता और सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने पर चर्चा।
सामाजिक सुरक्षा: वृद्ध, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजनाओं का लाभ सुपात्रों तक पहुंचाने की समीक्षा।
“अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे लाभ, लापरवाही बर्दाश्त नहीं” — विधानसभा अध्यक्ष
समीक्षा के दौरान जनप्रतिनिधियों ने आम जनता से जुड़े मुद्दों को बेहद गंभीरता से उठाया। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए।
माननीय अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने कहा: > “विकास योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएं और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।”
वहीं, दुमका सांसद नलिन सोरेन और सारठ विधायक उदय शंकर सिंह ने भी विकास कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने, योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और जन अपेक्षाओं के अनुरूप कार्यों को गति देने पर विशेष जोर दिया।
बेहतर समन्वय से होगा समग्र विकास
बैठक के समापन पर जिले के समग्र विकास और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के लिए सभी विभागों को आपसी तालमेल और समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया। जनप्रतिनिधियों ने भरोसा जताया कि इस प्रकार की नियमित समीक्षा बैठकों से विकास कार्यों में तेजी आएगी, जिससे आम जनता को योजनाओं का सीधा और त्वरित लाभ मिल सकेगा।
