बेरमो: जनहित एवं विस्थापित परिवारों के अधिकारों की रक्षा के संकल्प के साथ मंगलवार को कोलकाता स्थित डीवीसी मुख्यालय में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित हुई. बैठक में डीवीसी के सदस्य, सचिव एवं अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ विभिन्न जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा की गई.
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
बैठक में नए संयंत्रों से प्रभावित परियोजना प्रभावित परिवारों (PAPs) के पुनर्वास, भूमि म्यूटेशन, PAP कार्ड निर्गत करने, विस्थापितों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया. साथ ही पुनर्वास गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने, मोबाइल मेडिकल वैन, अस्पताल सुविधाओं, आईटीआई उन्नयन, श्रमिकों के अधिकारों, स्थानीय युवाओं के रोजगार तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श हुआ.
“विकास का लाभ पहले प्रभावितों को मिले”
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि विकास की प्रक्रिया केवल परियोजनाओं तक सीमित न रहे, बल्कि विकास की प्रत्येक योजना का लाभ सबसे पहले प्रभावित एवं वंचित परिवारों तक पहुंचे, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण की इस यात्रा में अपनी भूमि, संसाधन एवं जीवन का महत्वपूर्ण योगदान दिया है.
समयबद्ध समाधान पर जोर:
विस्थापितों, मेंटेनेंस श्रमिकों, पेंशनरों एवं स्थानीय युवाओं के हितों की रक्षा तथा उनकी समस्त समस्याओं का समयबद्ध प्रभावी समाधान एवं उनके सम्मानजनक पुनर्वास हेतु त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया. कहा गया कि लोकहित, सामाजिक न्याय एवं क्षेत्र के समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता सदैव सर्वोपरि रहेगी.
राजेश सागर की रिपोर्ट,
