फुसरो: नगर परिषद क्षेत्र में साफ-सफाई की व्यवस्था भगवान भरोसे नजर आ रही है। इसका ताजा और चिंताजनक उदाहरण बेरमो स्थित राजकीयकृत राम बिलास (10+2) इंटरमीडिएट रोजगारोन्मुखी विद्यालय के पास देखने को मिल रहा है। शिक्षा के इस मंदिर के ठीक बाहर, चहारदीवारी से सटाकर कूड़ा-कचरा डम्प किया जा रहा है। गंदगी और दुर्गंध के कारण स्कूली बच्चों का स्कूल में बैठना और पढ़ाई करना मुहाल हो गया है। इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक रामाशीष चौधरी ने 7 अगस्त 2026 को फुसरो नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को एक लिखित पत्र सौंपकर अविलंब कार्रवाई की मांग की है। फुसरो नगर परिषद को लिखे पत्र में प्राचार्य श्री चौधरी ने अवगत कराया है। कि विद्यालय के बाह्य परिसर और चहारदीवारी के पास यत्र-तत्र भारी मात्रा में कूड़ा फेंका हुआ पाया जाता है। कचरे के इस बड़े जमाव के कारण बच्चों और शिक्षकों में कई तरह की बीमारियों के फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा, उठने वाली भयंकर बदबू और प्रदूषण के कारण बच्चों के पठन-पाठन में भारी रुकावट आ रही है। कूड़े के ढेर से विद्यालय परिसर का वातावरण पूरी तरह से अस्वच्छ और दूषित दिख रहा है। प्रधानाध्यापक श्री चौधरी ने कार्यपालक पदाधिकारी से निवेदन किया है कि विद्यालय के बाहरी परिसर में हो रहे कचरे के जमाव पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। साथ ही, वहां जमा कूड़े का उठाव कर अविलंब साफ-सफाई करवाई जाए, ताकि बच्चों को पढ़ाई के लिए एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।
गौरतलब है कि फुसरो नगर परिषद क्षेत्र में कचरा प्रबंधन और उठाव को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। सड़कों से लेकर अब स्कूलों तक के बाहर गंदगी का अंबार फुसरो नगर परिषद के स्वच्छता अभियान के दावों की हवा निकाल रहा है। अब देखना यह है कि विद्यालय प्रबंधन की इस गुहार के बाद फुसरो नगर परिषद प्रशासन कब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाता है और बच्चों को इस दुर्गंध से कब निजात दिलाता है।
शंकर प्रसाद की रिपोर्ट,
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
