उपायुक्त की अध्यक्षता में कृषि एवं संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक
उर्वरक की कालाबाजारी एवं निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का निर्देश
Hazaribagh: उपायुक्त श्री हेमन्त सती की अध्यक्षता में बुधवार को कृषि, पशुपालन, भूमि संरक्षण, गव्य विकास, जल छाजन, लघु सिंचाई, मत्स्य, जेएसएलपीएस एवं सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति, लक्ष्य एवं उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
कृषि विभाग की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने उर्वरक, विशेषकर यूरिया की कालाबाजारी एवं निर्धारित सरकारी दर से अधिक मूल्य पर बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने खरीफ 2026 के दौरान अप्रैल, मई, जून एवं जुलाई माह में उर्वरकों की बिक्री एवं खपत से संबंधित आंकड़ों की समीक्षा की। बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के जून माह में जिले में 4,017 मीट्रिक टन उर्वरक की खपत हुई थी, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 के जून माह में 6,277 मीट्रिक टन उर्वरक की खपत हुई है।
उपायुक्त ने कहा कि किसानों को सरकार द्वारा अनुदानित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाता है, ताकि कृषि लागत कम हो और किसानों की आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकारी निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर खाद एवं यूरिया बेचने अथवा उर्वरकों की कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से उर्वरक दुकानों का निरीक्षण करने तथा किसानों को निर्धारित दर एवं उपलब्धता की जानकारी देने का निर्देश दिया
उपायुक्त ने कृषि पदाधिकारी को आगामी रबी फसल की तैयारियां समय से प्रारंभ करने तथा किसानों को आवश्यक कृषि संबंधी जानकारी एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। आत्मा विभाग की समीक्षा के दौरान मोटर पंप वितरण योजना, पीएम कुसुम योजना, कृषि समृद्धि योजना, सॉइल हेल्थ कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक पात्र किसानों को लाभान्वित करने को कहा। उन्होंने कृषक पाठशालाओं की क्रियाशीलता की जानकारी ली। कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिले में सात स्थानों पर कृषक पाठशालाएं संचालित हैं।
भूमि संरक्षण विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड के महत्व के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मानव स्वास्थ्य की जांच कर शरीर में पोषक तत्वों की कमी का पता लगाया जाता है और उसके अनुसार उपचार किया जाता है, उसी प्रकार मिट्टी की जांच से उसमें मौजूद पोषक तत्वों की कमी का पता लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है और यह कार्य किसानों के लिए पूर्णतः निःशुल्क है। उन्होंने इस योजना की जानकारी आमजनों तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया।
मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने स्पॉन एवं मत्स्य बीज वितरण की जानकारी ली तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप किसानों एवं मत्स्य पालकों को लाभान्वित करने का निर्देश दिया। पशुपालन विभाग की समीक्षा में बत्तख चूजा वितरण, कुक्कुट पालन, शूकर पालन, भेड़ पालन एवं बत्तख पालन सहित विभिन्न योजनाओं के लक्ष्यों की जानकारी ली गई। उपायुक्त ने सभी योजनाओं के लिए चयन प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने एवं पात्र लाभुकों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
गव्य विकास विभाग की समीक्षा के क्रम में 10 गाय वाली मिनी डेयरी योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना सहित गव्य विकास विभाग की अन्य लाभकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा निर्धारित लक्ष्यों को ससमय पूरा करने का निर्देश दिया।
बैठक में उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, पात्र लाभुकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा योजनाओं के प्रचार-प्रसार में तेजी लाने का निर्देश दिया।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
