अगामी 29 सितंबर को पैतृक गांव में होगा भव्य जलसा, देशभर से उलेमा होंगे शामिल
बोकारो/गोमिया: बोकारो के पूर्व विधायक और प्रख्यात मजदूर नेता मो. इजराइल अंसारी की आज 22 सितंबर को 11वीं पुण्यतिथि है। झारखंड की राजनीति और श्रमिक आंदोलन में अपनी अलग पहचान बनाने वाले इजराइल अंसारी को उनकी पुण्यतिथि पर उनके पैतृक गांव झिरकी समेत बोकारो और गोमिया क्षेत्र के लोग श्रद्धापूर्वक याद कर रहे हैं।
22 सितंबर 2015 को रांची के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान करीब 74 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था। उनके निधन की खबर से बोकारो, बेरमो और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई थी। आज 11 वर्ष बाद भी उनके समर्थक और क्षेत्र के लोग उनके सामाजिक, राजनीतिक एवं श्रमिक योगदान को याद करते हैं।
कांग्रेस के टिकट पर बने थे विधायक
इजराइल अंसारी ने कांग्रेस के टिकट पर बोकारो विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। राजनीतिक जीवन में उनकी पहचान एक मिलनसार और सहज नेता के रूप में बनी। वे आम लोगों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए प्रयास करने के लिए जाने जाते थे।
मजदूरों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष
प्रथम पुण्यतिथि की फाइल फोटो
राजनीति के साथ-साथ इजराइल अंसारी ने श्रमिक आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे इंटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ की सीसीएल क्षेत्रीय समिति के अध्यक्ष रहे। कोयला क्षेत्र के मजदूरों के अधिकार, रोजगार और कल्याण से जुड़े मुद्दों को लेकर उन्होंने लगातार आवाज उठाई। उनके श्रमिक जीवन का बड़ा हिस्सा मजदूरों के हितों के संघर्ष को समर्पित रहा।
मरणोपरांत मिला ‘झारखंड रत्न’ सम्मान
उनके सामाजिक, राजनीतिक और श्रमिक क्षेत्र में योगदान को देखते हुए लोक सेवा समिति की ओर से वर्ष 2017 में उन्हें मरणोपरांत ‘झारखंड रत्न’ सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान समारोह में उनकी पत्नी और ज्येष्ठ पुत्र इसराफिल अंसारी ने सम्मान ग्रहण किया था।
29 सितंबर को झिरकी में होगा जलसा
इजराइल अंसारी की याद में उनके पुत्रों के द्वारा उनके पैतृक गांव झिरकी में आगामी 29 सितंबर को अजमत ऐ वालीदैन कॉन्फ्रेंस (जलसे) का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में देश के मशहूर ओलमा हजरत शाकिर अली नूरी और सैयद अमीनुल कादरी के शामिल होने की संभावना है। दोनो औलमा महाराष्ट्र से कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचेंगे।
जलसे में आसपास के क्षेत्रों के अलावा विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। आयोजन को लेकर ग्रामीणों और समर्थकों में उत्साह है तथा कार्यक्रम की तैयारियां की जा रही हैं।
आज भी यादों में जिंदा हैं इजराइल अंसारी
इजराइल अंसारी का जीवन राजनीति, समाज और मजदूर हितों के प्रति समर्पण से जुड़ा रहा। उनके पैतृक गांव झिरकी के लोगों के लिए उनकी याद आज भी भावनात्मक है। 11वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए लोग कहते हैं कि उनका सरल स्वभाव, मजदूरों के प्रति संवेदनशीलता और आम लोगों से जुड़ाव उनकी सबसे बड़ी पहचान थी।
22 सितंबर को उनकी पुण्यतिथि और 29 सितंबर को प्रस्तावित जलसा, दोनों ही अवसर झिरकी में उनके जीवन, विचारों और सामाजिक योगदान को याद करने का महत्वपूर्ण अवसर बन रहे हैं।
मोहम्मद सेराज की रिपोर्ट,
