रामगढ़: झारखण्ड किसान महासभा के द्वारा रामगढ़ ज़िला स्तरीय -“किसान महाजुटान” का आयोजन कृषि उत्पाद बाज़ार समिति,रामगढ़ के परिसर में आयोजित किया गया।इसकी अध्यक्षता पूर्व मुखिया उसरा प्रयाग महतो खेतिहर ने किया एवं संचालन पंकज राय जी ने किया।मुख्य अतिथि के रूप में संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष राजू महतो उपस्थित रहे एवं विशिष्ट आमंत्रित अतिथि के रूप में रामगढ़ जेबीकेएसएस के नेता पूर्व प्रत्याशी रामगढ़ विधानसभा संतोष महतो जी उपस्थित रहे।इस जुटान में की में किसानों के समस्याओं और विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रमुख 11 सूत्री बिंदुओं पर चर्चा परिचर्चा आयोजित किया गया था।किसान महाजुटान का आयोजन दिन के 12 बजे से प्रारंभ किया गया। इस आयोजन में रामगढ़ ज़िले के सभी प्रखण्डों के गाँवों से सैकड़ों किसान भाइयों एवम बहनों ने हिस्सा लिया । क्षेत्र के किसानों ने क्षेत्र में किसानों ke विभिन्न समस्याओं से संगठन को अवगत कराया और बारी बारी से अपने विचारों को रखा । रामगढ़ डेली बाजार में हो रहे किसानों के साथ दुर्व्यवहार के संबध में क्षेत्र के अग्रणी किसान नेता कि प्रयाग महतो ने कहा कि ये जगह किसानों का है और उनके साथ बर्बरता की जा रही है जो सरासर गलत और असंवैधानिक है। अध्यक्ष राजू महतो ने कहा की ग्यारह सूत्री मांगों को लेकर महासभा प्रतिबद्ध है और इसके लिए संगठन आगे की रणनीति पर कार्य कर रही है। कार्यकारी अध्यक्ष पंकज राय ने कहा की झारखंड में मनमाने तरीके से योजनाओं के नाम पर जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है और गैरमाजरुआ खास जमीन का मुआवजा भी नही दिया जा रहा है जो बर्दास्त योग्य नही है । इस क्षेत्र के समाज सेवी संतोष महतो ने कहा की किसानों के साथ हो रहे अत्याचार को लेकर किसानों को एकजुट करने की जरूरत है और अगर जरूरत पड़ी तो किसानों को राज्यस्तरीय आंदोलन के लिए तैयार करना पड़ेगा । संगठन के महासचिव उपेन्द्र गुरु ने किसानों को अपने अपने गांव में लोगों को जागरूक कर संगठन से जोड़ने की बात कही।
आज के इस ज़िला स्तरीय किसान महाजुटान कार्यक्रम में निम्न ग्यारह प्रस्ताव पारित किए गए और इनको पूरा करने के लिए रणनीति तय की गयी-
1. धान की एम एस पी बढ़ा कर 31 रुपए की जाए। धान की खरीद प्रक्रिया दिसंबर में प्रारंभ हो ,धान खरीद की एवज में भुकतान 24 घंटे के अंदर किसानों के खाते में की जाए और धान खरीद की पिछले साल की बकाया राशि का भुगतातन व्याज समेत अविलम्ब किसानों के खाते में की जाए ।
2. ग़ैरमजूरवा जमीन पर जोत कोड कर रहे किसानों को जमीन पर मालिकाना हक हाशिल हो और तत्काल रसीद काटने का आदेश दिया जाए ।
3. झारखण्ड राज्य कृषि उपज और पशुधन विपणन ( संवर्धन और सुविधा ) विधेयक पारित हो । साथ ही किसानो के नाम पर ली गई बाजार समितियों को अत्याधुनिक सुविधायों से युक्त आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किसानो के लिए किया जाए ना कि व्यापारियों के लिए ।
4) ग्रामीण क्षेत्र के हाट बाजारों को मॉडल हॉट के रूप में विकसित किया जाए ।
5) सरकार हरी सब्जियों सहित अन्य फसलों के लिए उच्च छमता के शीतगृह का निर्माण प्रखंड स्तर पीआर किया जाए और धान , अरहर, मडुवा ( रागी ), मक्का, मूंगफली, सरसो, आलू आदि की खरीद की व्यवस्था बाजार समिति के माध्यम से करवाया जाए । ताकि वास्तविक किसानों से धान और अन्य फसलों की खरीद हो सके ना कि विचौलियों से ।
6) झारखण्ड में पाँचो प्रमण्डलो की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप स्पष्ट कृषि नीति का निर्माण हो एवं लंबित झारखण्ड कृषि बिल में संशोधन कर किसान हित मे अविलंब लागू किया जाय.
केसीसी लोन की सीमा 10 लाख तक किया जाय ।
7) जंगली जानवरो एवम प्राकृतिक आपदा के द्वारा जान – माल के नुकसान के लिये उचित मुआवाजा का भुगतान त्वरित हो ।
8 ) मोटे अनाजों की खेती को लेकर मिलेट अथॉरिटी ऑफ झारखण्ड का गठन किया जाए ।
9 ) राज्य स्तरीय कृषि योजना समिति का गठन कर समिति में किसानों के प्रत्यक्ष प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित किया जाए।
10 ) कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्रालय के अंतर्गत सभी विभागों का एकीकृत वेब पोर्टल बनाया जाए । जिसमे योजनाओं के निर्माण स्तर से लेकर चयनित लाभुको के स्तर तक कि समुचित जानकारी दी जाए ।
11 ) झारखण्ड में कृषि प्रशिक्षण हेतु विश्वस्तरीय एग्रीकल्चरल सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस बनाए जाए!
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से आयोजन के आयोजक महासभा के रामगढ़ जिला अध्यक्ष अशोक महतो, कपिल महतो, रीता भारती , मुनिनाथ महतो,प्रेम महतो,सरिता देवी , सुनीता देवी , मुनिनाथ महतो , पूरन महतो , बबलू महतो ,रामधन महतो एवम अन्य सैकड़ों किसानों ने भाग लिया ।
