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रांची विश्वविद्यालय ने उच्च न्यायालय के आदेश की अनदेखी: अतिथि शिक्षकों का किया निष्कासन।

Ranchi: रांची विश्वविद्यालय ने झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करते हुए 124 अतिथि शिक्षकों को समायोजित करने के बजाय निष्कासित कर दिया है। माननीय उच्च न्यायालय ने रिट पिटिशन WPS 3842/2024 की सुनवाई के दौरान स्पष्ट निर्देश दिया था कि जब तक मामला विचाराधीन है, अतिथि शिक्षकों को कार्य से अलग नहीं किया जाएगा।

हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव ने सरकार की अंतिम कैबिनेट का कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए शिक्षकों को मौखिक तौर पर कक्षाओं से हटा दिया। इसके साथ ही बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली से नाम हटाने, उपस्थिति रजिस्टर हटाने और परीक्षा ड्यूटी से अलग करने जैसे कदम उठाए गए। इस निर्णय से शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतर गई है। विद्यार्थी अपने कॉलेज में पहुंच रहे हैं पर या तो वहां शिक्षक नहीं है या तो महाविद्यालय बंद हो चुका है आज मॉडल डिग्री कॉलेज घाघरा पूरी तरह से बंद हो गया है, बीएस कॉलेज लोहरदगा, के. ओ. कॉलेज गुमला के वाणिज्य विभाग ,मारवाड़ी कॉलेज रांची , डोरंडा कॉलेज एसएस मेमोरियल कॉलेज, राम लखन सिंह यादव कॉलेज, जे. न. कॉलेज धुर्वा सहित रांची विश्वविद्यालय के कई स्नातकोत्तर विभागों एवं अंगीभूत महाविद्यालय के कई सारे विभागों में ताला लग चुका है।। विद्यार्थी बिना शिक्षकों के पढ़ाई कैसे करे परीक्षा दे कैसे इस मामले पर कोई ध्यान देने वाला नहीं है अभी सेमेस्टर 3 की परीक्षा चल रही है और आगे सेमेस्टर 2 के परीक्षा आने वाली है और कई कॉलेजों में शिक्षक विश्वविद्यालय में आंदोलन करने के क्रम में अनुपस्थित रहे जिससे उनके कक्षा बाधित हुई पर बिना शिक्षक और बिना पढ़ाई की परीक्षा लेने का दौर जारी है यू कहा जाए तो रांची विश्वविद्यालय डिग्री छापने की मशीन बन चुकी है और इस मशीन में कच्चा माल के रूप में विद्यार्थियों को झोंका जा रहा है।

इस घटनाक्रम के विरोध में धुर्वा गोलचक्कर, सेक्टर 2 में अतिथि शिक्षकों की एक आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अरविंद प्रसाद ने की और संचालन डॉ. धीरज सिंह सूर्यवंशी ने किया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उल्गुलान आंदोलन शुरू किया जाएगा। जिसके पहले चरण मे अतिथि शिक्षकों के एक शिष्टमंडल कुलपति रांची विश्वविद्यालय रांची को ज्ञापन सपेगा, साथ ही संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो वे चरणबद्ध बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

शिक्षक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर अपनी समस्याओं का ज्ञापन सौंपेंगे और प्रदेश के अन्य प्रमुख नेताओं और विश्वविद्यालय के कुलपति को भी इस संबंध में अवगत कराएंगे। बैठक में बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. आशीष कुमार, डॉ. हैदर अली, डॉ. नाजिश हसन, शिवकुमार, निहारिका महतो, सूरज विश्वकर्मा, मोहम्मद शाहबाज, डॉ. मुमताज अंसारी, राजू हजाम, सतीश तिर्की और अंजना कुमारी शामिल थे।

Shamsher Editor in chief
Author: Shamsher Editor in chief

14/08/1980

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