सड़क किनारे सूखे पेड़ गिरने से बड़ा हादसे,
मोटरसाइकिल सवार युवक पर गिरी पेड़,
मोटरसाइकिल हुई क्षतिग्रस्त,
दोनों सवार गंभीर रूप से घायल,
वन विभाग ने पेड़ कटवाने का दिया था आदेश।
देवघर: जिले से पालोजोरी : शुक्रवार को सारठ पालोजोरी मुख्य मार्ग पर राह चलते मोटरसाइकिल सवार पर सड़क किनारे सूखे पेड़ के गिरने से बड़ा हादसा हो गया। फार्म नवाडीह के पास कृषि विभाग के उद्यान नर्सरी का एक सूखा पेड़ सड़क पर जा रहे दो मोटरसाइकिल सवार युवक पर अचानक जा गिरा पेड़ के गिरने से मोटरसाइकिल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और दोनो सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगो की मदद से दोनो घायल युवकों को इलाज के लिए पालोजोरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। जगत दोनो की गंभीर हालत को देखते हुए देवघर भेज दिया गया है। घायल दोनो युवक पालोजरी प्रखंड क्षेत्र के जीवनबांध पंचायत के सुधीर दास और प्रदीप दास बताए जाते है। मालूम हो कि प्रखंड क्षेत्र में सड़क किनारे सैकड़ो सूखे पेड़ खड़े हैं। जो दुर्घटना को आमंत्रित कर रहे हैं। सड़क किनारे सूखे पेड़ आए दिन समय समय पर राहगीरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बावजूद इसके दर्जनों बार इस बाबत संबंधित विभाग और वन विभाग का ध्यान आकृष्ट कराने के बावजूद भी सूखे पेड़ को काटने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सड़क किनारे सूखे पेड़ों की वजह से यह कोई पहली घटना नहीं है इससे पूर्व भी कई घटनाएं इन सूखे पेड़ों की वजह से हो चुकी है। सड़क किनारे सैकड़ो पेड़ अब मौत का सबब बन रहे हैं। फार्म नवादी स्थित कृषि विभाग के इस नर्सरी में दर्जनों पेड़ सूखकर सड़क की ओर झुके हुए हैं जो किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण देने के लिए खड़ी हैं।
सड़क किनारे पेड़ों को काटने को लेकर कोई भी विभाग गंभीर नहीं दिखता है। इस मामले में विवाह की संवेदन हीनता साफ नजर आती है सड़क किनारे सैकड़ो की संख्या में सूखे पेड़ खड़े हैं कुछ पेड़ ग्रामीण कार्ड के ले गए कुछ पेड़ सूखकर अपने आप गिर गए लेकिन विभाग ने इन पेड़ों को कटवाना मुनासिब नहीं समझा।
विभागों के बीच आपसी सामंजस्य का अभाव और फुटबोलिंग कार्य प्रणाली की वजह से इसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ रहा है।
वन विभाग के आशुतोष कुमार ने बताया कि पालोजोरी नर्सरी स्थित मॉडल महाविद्यालय को एक साल पूर्व ही सूखे पेड़ों को काटकर हटाने का आदेश दे दिया गया है लेकिन कॉलेज के प्रबंधन द्वारा इस दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने बताया कि मॉडल कॉलेज को पेड़ों को काटकर दुमका भेजने का आदेश 1 साल पूर्व ही निर्गत किया जा चुका है।
याकूब अंसारी की रिपोर्ट,
