Ranchi : झारखंड मंत्रालय का माहौल बुधवार की सुबह कुछ अलग था। मंत्री, अधिकारी और कर्मचारी सबके चेहरे पर उत्साह और संवेदना झलक रही थी। जब सीएम हेमंत सोरेन खुद रक्तदान कुर्सी पर बैठे, तो वह दृश्य मानवीयता की सबसे सशक्त तस्वीर बन गया। यह सिर्फ एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि जीवनदान के सबसे बड़े अभियान की शुरुआत थी। सीएम हेमंत सोरेन ने झारखंड की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर स्वयं रक्तदान कर राज्यव्यापी स्वैच्छिक रक्तदान महाअभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा, “आपका दिया हुआ रक्त किसी अजनबी की जिंदगी बचा सकता है। यही सच्ची सेवा और मानवता है।”
उनकी अपील में एक भावनात्मक स्पर्श था… “जब किसी अस्पताल में मरीज को रक्त नहीं मिलने से उसकी सांसें थमती हैं, तो वो किसी का पिता, भाई या बच्चा होता है। अगर हम समय पर रक्त दें, तो किसी परिवार की दुनिया बच सकती है।”
इस महाअभियान का आयोजन स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण विभाग की ओर से किया जा रहा है। 12 से 28 नवंबर तक पूरे राज्य में छोटे-बड़े रक्तदान शिविर लगाए जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य राज्य में रक्त की कमी को समाप्त करना और हर जरूरतमंद तक सुरक्षित रक्त पहुंचाना है। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, “हमारा झारखंड अब सिर्फ खनिज संपदा का राज्य नहीं, बल्कि जीवनदायिनी भूमि बनना चाहता है। हर बूंद खून किसी जिंदगी की आस है।”
कार्यक्रम में मंत्री राधा कृष्ण किशोर, इरफान अंसारी, हफीजुल हसन, योगेंद्र प्रसाद महतो, सुदिव्य कुमार, शिल्पी नेहा तिर्की, मुख्य सचिव अविनाश कुमार और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
