बेरमो में ओवरलोड कोयला ट्रकों पर नकेल।
SDM ने दिए सख्त निर्देश, लापरवाही पर होगी कानूनी कार्रवाई।
बेरमो (तेनुघाट): क्षेत्र में कोयला परिवहन के दौरान हो रही अनियमितताओं और उससे आम जनजीवन पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। अनुमंडल पदाधिकारी (SDM), बेरमो ने सीसीएल (CCL) और डीवीसी (DVC) के अधिकारियों सहित सभी ट्रांसपोर्टरों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
विधायक की शिकायत पर हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई बेरमो विधायक श्री कुमार जयमंगल (अनुप सिंह) द्वारा लिखे गए पत्र के आलोक में की गई है। विधायक ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया था कि ढोरी, बी.एंड के. करगली और कथारा क्षेत्रों में ओवरलोड वाहन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इन वाहनों से गिरने वाले कोयले के टुकड़ों और धूल (Dust) के कारण न केवल सड़कें खराब हो रही हैं, बल्कि राहगीरों और स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है।
प्रदूषण और दुर्घटनाओं पर चिंता
प्रशासनिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ट्रकों पर तिरपाल (Tarpaulin) न बंधे होने के कारण उड़ती धूल से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है और सड़कों पर बिखरे कोयले की वजह से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। पत्र में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि:
खाली वाहनों से भी धूल उड़ती है, इसलिए उन्हें भी तिरपाल से ढकना अनिवार्य है।
ओवरलोडिंग के कारण सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (सड़कों) को भारी नुकसान पहुँच रहा है।
दोषियों पर होगी ‘कठोर कानूनी कार्रवाई’
SDM बेरमो ने निर्देश दिया है कि सभी प्रतिष्ठान और निजी वाहन मालिक यह सुनिश्चित करें कि कोई भी वाहन क्षमता से अधिक भार लेकर न चले। क्षेत्र भ्रमण और पुलिस पेट्रोलिंग के दौरान यदि कोई भी वाहन इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो संबंधित मालिक और प्रतिष्ठान पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
“सड़कों पर सुरक्षा और स्वच्छ वातावरण बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। ओवरलोडिंग और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” — अनुमंडल पदाधिकारी, बेरमो।
इन क्षेत्रों पर रहेगा विशेष ध्यान:
CCL क्षेत्र: कथारा, बी.एंड के. करगली, ढोरी।
DVC इकाइयाँ: BTPS (बोकारो थर्मल) और CTPS (चंद्रपुरा)।
