नई दिल्ली / बोकारो: देश के रिटेल और सामान्य व्यापार (General Trade) को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) के साथ मिलकर 12 जून 2026 को ‘भारत कॉमर्स चिंतन शिविर’ (सीपीजी राउंडटेबल) का आयोजन किया।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ONDC की विशेष पहल ‘डिजीदुकान’ के माध्यम से भारत की करीब 1.4 करोड़ किराना दुकानों की खरीद प्रक्रिया को डिजिटल और हाईटेक बनाना है। इस हाई-लेवल बैठक की अध्यक्षता DPIIT के अतिरिक्त सचिव श्री अतीश कुमार सिंह ने की।
एफएमसीजी की बड़ी कंपनियों ने मिलाया हाथ
इस ‘चिंतन शिविर’ में देश-दुनिया की अग्रणी उपभोक्ता वस्तु (FMCG) कंपनियों, वितरक नेटवर्कों और लॉजिस्टिक्स पार्टनर्स ने हिस्सा लिया। बैठक में शामिल होने वाले प्रमुख ब्रांड्स में:
HUL (हिंदुस्तान यूनिलीवर)
ITC
कोका-कोला
मैरिको
नेस्ले
लोरियल
टीसीपिएल, कैविनकेयर, बिकानो, मून बेवरेजेज, अनमोल इंडस्ट्रीज और किराना किंग शामिल रहे। इन सभी कंपनियों ने ‘डिजीदुकान’ पहल को अपना पूरा समर्थन देने और इसके अगले चरण में ‘संस्थापक साझेदार’ के रूप में जुड़ने की इच्छा जताई है।
क्यों जरूरी है ‘डिजीदुकान’?
वर्तमान में भारत के कुल FMCG बाजार में छोटी किराना दुकानों की हिस्सेदारी 75 से 80 प्रतिशत है। इतनी बड़ी हिस्सेदारी के बावजूद, ज्यादातर दुकानें पारंपरिक और मैन्युअल तरीकों से काम करती हैं, जिससे इन्वेंट्री की सही जानकारी नहीं मिल पाती और लागत बढ़ती है।
‘डिजीदुकान’ से होने वाले मुख्य लाभ:
किराना दुकानदारों के लिए: सीधे खरीद (B2B) की सुविधा मिलेगी, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी, योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा और मुनाफे का मार्जिन बढ़ेगा।
वितरकों (Distributors) के लिए: बिना किसी अतिरिक्त खर्च के ऑर्डर और कलेक्शन डिजिटल हो जाएंगे, जिससे वे बड़े बाजार तक पहुंच सकेंगे।
ब्रांड्स के लिए: कंपनियों को सीधे रिटेल काउंटरों की मांग का पता चल सकेगा, जिससे सप्लाई चेन बेहतर होगी।
हैदराबाद में सफल ट्रायल, अब जयपुर और देश के अन्य महानगरों की बारी
‘डिजीदुकान’ प्रोजेक्ट को हैदराबाद में शुरुआती पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर बड़ी सफलता मिली है, जहां ‘क्यूपो’ के माध्यम से 10,000 से अधिक खुदरा विक्रेताओं और 35 से अधिक बड़े ब्रांड्स को जोड़ा जा चुका है।
अब इसके विस्तार की रूपरेखा तैयार कर ली गई है:
19 जून 2026: ‘सेल्सकोड’ के माध्यम से जयपुर में इसकी शुरुआत होगी।
आगामी चरण: अगले कुछ महीनों में मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली-एनसीआर जैसे बड़े महानगरों में इसका विस्तार किया जाएगा।
राउंडटेबल के दौरान उद्योग जगत के दिग्गजों ने खंडित रिटेल नेटवर्क, बढ़ती बिक्री लागत और डिजिटल-फर्स्ट मॉडलों (जैसे क्विक कॉमर्स) से मिल रही चुनौतियों पर भी चर्चा की और यह निष्कर्ष निकाला कि ओपन डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर ही देश के पारंपरिक किराना व्यापार को सुरक्षित और मजबूत रख सकता है।
ब्यूरो रिपोर्ट, लाइव 11 न्यूज।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
