दुमका: ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को उनके घर के पास ही जरूरी सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दुमका प्रखंड के राजबांध पंचायत स्थित फुटबॉल मैदान में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। ‘अबुआ जाति-निवासी प्रमाण पत्र अभियान’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन विधायक श्री बसंत सोरेन द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

6 से 20 जून तक चलेगा अभियान: विधायक बसंत सोरेन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक बसंत सोरेन ने कहा कि यह अभियान माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश पर चलाया जा रहा है, ताकि स्थानीय लोगों को पंचायत और गांव के स्तर पर ही जाति एवं निवासी प्रमाण पत्र मिल सके।
अभियान की अवधि: यह अभियान 6 जून से शुरू हुआ है और 20 जून तक चलेगा।
शिविरों का आयोजन: जिले की प्रत्येक पंचायत में दो से तीन अलग-अलग स्थानों पर इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
परेशानी से मुक्ति: विधायक ने कहा, “पहले लोगों को प्रमाण पत्र के लिए प्रखंड कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब प्रशासन खुद गांव तक पहुंच रहा है। सरकार का प्रयास है कि छोटे कार्यों के लिए जनता को दूर न जाना पड़े।”
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए बांटे गए टोटो
ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए विधायक ने कहा कि महिलाओं को आजीविका संवर्धन के लिए टोटो (ई-रिक्शा) उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर अपनी आय बढ़ा सकेंगी, जिससे उनके परिवार का पालन-पोषण और बच्चों की शिक्षा बेहतर हो सकेगी। कार्यक्रम के दौरान दुमका प्रखंड की सखी मंडल की दीदियों के बीच टोटो वाहनों का वितरण भी किया गया।
प्रमाण पत्र पाना नागरिकों का अधिकार: उपायुक्त अभिजीत सिन्हा
इस अवसर पर दुमका के उपायुक्त (DC) अभिजीत सिन्हा ने कहा कि जाति और निवासी प्रमाण पत्र प्राप्त करना हर पात्र नागरिक का अधिकार है। विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए ये दस्तावेज बेहद जरूरी हैं और इस अभियान से लोगों को यह सुविधा उनके घर के पास मिल रही है।
प्रवासियों के लिए “आपनार आतो कामी” कार्यक्रम:
उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन आम जनता को योजनाओं से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रहा है।
प्रवासी श्रमिकों के निबंधन (Registration) और उन्हें लाभ पहुंचाने के लिए “आपनार आतो कामी” कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि लोग अपनी समस्याएं जिला प्रशासन के सामने रख सकते हैं, जिनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।
परिसंपत्तियों का हुआ वितरण
कार्यक्रम के दौरान सिर्फ प्रमाण पत्र ही नहीं, बल्कि विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का भी वितरण किया गया।
इस विशेष शिविर के दौरान उप विकास आयुक्त (DDC), दुमका के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सहित कई अन्य जिला व प्रखंड स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
