जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार को उस वक्त भारी अफरा-तफरी मच गई, जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर कुछ अज्ञात युवकों ने हमला कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक भारी संख्या में इकट्ठा होकर शहीद स्मारक की ओर बढ़ रहे थे।
कंधों पर थे दीपके, भीड़ से निकले हमलावर
चश्मदीदों के मुताबिक, प्रदर्शन स्थल पर समर्थकों में भारी उत्साह था और वे अपने नेता अभिजीत दीपके को कंधों पर बैठाकर आगे बढ़ रहे थे। इसी बीच, भीड़ का फायदा उठाकर दो अज्ञात युवक अचानक उनके बेहद करीब पहुंच गए और उन पर ताबड़तोड़ थप्पड़ जड़ दिए। इस अचानक हुए हमले से मौके पर हड़कंप मच गया और कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
“1 थप्पड़ मारें या 10, आंदोलन नहीं रुकेगा” – अभिजीत दीपके
हमले की इस सनसनीखेज घटना के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर एक वीडियो बयान जारी कर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
“यह हमला हमें डराने-धमकाने और हमारे शांतिपूर्ण आंदोलन को मूल मुद्दे से भटकाने की एक कायराना कोशिश है। लेकिन हमारा संगठन अपने एजेंडे से एक इंच भी पीछे हटने वाला नहीं है। चाहे हम पर एक बार हमला हो या दस बार, चाहे एक थप्पड़ मारा जाए या दस, छात्रों के हक की आवाज बंद नहीं होगी।”
दीपके ने साफ किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह से गांधीवादी और शांतिपूर्ण है, और वे किसी भी परिस्थिति में हिंसा का जवाब हिंसा से नहीं देंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े, 20 जून को ‘दिल्ली कूच’
सीजेपी संस्थापक ने अपने आंदोलन के मुख्य एजेंडे को दोहराते हुए कहा कि उनका एकमात्र मुद्दा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के लाखों छात्रों के साथ बड़ा अन्याय हुआ है, जिसके जिम्मेदार शिक्षा मंत्री हैं और उन्हें तुरंत पद छोड़ना चाहिए।
जयपुर के इस सफल प्रदर्शन के समापन पर अभिजीत दीपके ने आंदोलन को और तेज करने की बड़ी घोषणा की। उन्होंने मंच से ‘दिल्ली चलो’ का नारा बुलंद करते हुए 20 जून को दिल्ली कूच का ऐलान कर दिया है। उन्होंने समर्थकों से कहा कि इस बार उनका जत्था दिल्ली में अपनी मांगें पूरी कराए बिना वापस नहीं लौटेगा। इस ऐलान को प्रदर्शनकारियों का भारी समर्थन मिला, जिसके बाद राष्ट्रगान के साथ जयपुर प्रदर्शन का समापन किया गया।
इस घटना के बाद से जयपुर की सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
