गिरिडीह: पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान में गुरुवार देर रात बड़ी सफलता मिली है। इस दौरान पुलिस ने 25 लाख रुपये के इनामी कुख्यात माओवादी अजय महतो उर्फ टाइगर उर्फ बासुदेव को हरलाडीह स्थित करमू मांझी के घर से गिरफ्तार कर लिया। वंही कार्रवाई के दौरान दो अन्य संदिग्ध माओवादियों को भी हिरासत में लिया गया है। फिलहाल तीनों से विशेष जांच दल (SIT) लगातार पूछताछ कर रहा है। वंही
पुलिस के अनुसार, अजय महतो पीरटांड़ थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव का रहने वाला है। वह भाकपा (माओवादी) की स्पेशल एरिया कमेटी का सदस्य और पारसनाथ क्षेत्र का पूर्व जोनल कमांडर रह चुका है। उसके खिलाफ हत्या, लेवी वसूली, लूट, पुलिस पर हमला, आईईडी वि,स्फोट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित 100 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। वह पूर्व में गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और हजारीबाग के सीमावर्ती क्षेत्रों में कई बड़ी न,क्सली घटनाओं में शामिल रहा है। इस बाबत
बताया गया कि पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर गठित विशेष टीम को अजय महतो के हरलाडीह में छिपे होने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना का सत्यापन करने के बाद इलाके की घेराबंदी कर छापे,मारी की गई, जिसमें उसे दबोच लिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा की पुलिस भी लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। यहां बताते चलें
कि जिला प्रशासन पहले ही अजय महतो समेत 12 माओवा,दियों के खिलाफ यूएपीए (UAPA) और देशद्रोह के तहत मुकदमा चलाने की सिफारिश राज्य सरकार को भेज चुका था, जिस पर गृह विभाग से अनुमति भी मिल चुकी है।
गि,रफ्तारी के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस का सर्च अभियान लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि अजय महतो की गि,रफ्तारी माओवा,दी संगठन के लिए बड़ा झटका है और न,क्सल उन्मूलन अभियान आगे भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
