बेरमो: पशुपालकों को वैज्ञानिक जानकारी देकर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कृषि पलक डेयरी केंद्र, बोकारो थर्मल कथारा बेरमो के संचालक अशोक साव के नेतृत्व में बाजार टांड़ में विशाल किसान संगोष्ठी एवं जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में पटना, बिहार से पधारे कृषि एवं पशुपालन विशेषज्ञों ने क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को डेयरी व्यवसाय की बारीकियां समझाईं।
संगोष्ठी में पटना से आए प्रशांत कुमार, निर्थोष कुमार (निदेशक) और महेंद्र अग्रवाल (सेल्स एग्जीक्यूटिव) ने पशु आहार, स्वास्थ्य और प्रबंधन पर विस्तृत व्याख्यान दिया।
विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि डेयरी व्यवसाय को लाभकारी बनाने के लिए पशुओं की बीमारियों की समय पर पहचान जरूरी है। उन्होंने थनेला, किटोसिस, मिल्क फीवर जैसी आम बीमारियों के लक्षण, कारण और बचाव के उपाय बताए। साथ ही गाय के जड़ नहीं फंसने की समस्या के समाधान पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि देशी गाय को स्थानीय पर्यावरण के अनुसार तैयार करना चाहिए। इसके लिए फीडिंग, ब्रीडिंग और रख-रखाव पर विशेष ध्यान देना होगा। गाय के रहने की व्यवस्था साफ-सुथरी और हवादार होनी चाहिए।
पशुओं के आहार के संबंध में विशेषज्ञों ने बताया कि
“पहले गाय को हरा चारा देना सर्वोत्तम है, उसके बाद साइलेज देना चाहिए। इससे दूध की गुणवत्ता और मात्रा दोनों बढ़ती है।”
संगोष्ठी में क्षेत्र के प्रगतिशील पशुपालकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में अजय कुमार यादव, रंजीत यादव, गंगाधर प्रजापति, सुशील यादव, सद्दाम हुसैन, विपिन यादव, श्रीराम यादव, मुकेश यादव (गोमिया), अभिजीत (गोमिया), विजय ढेढे, रामबली राय सहित कई किसान भाई मौजूद रहे। कृषि पलक डेयरी केंद्र के संचालक *अशोक साव* ने कहा कि इस तरह के जागरूकता अभियान आगे भी चलाए जाएंगे, ताकि किसान आधुनिक तकनीक अपनाकर डेयरी से अच्छी आय कमा सकें और क्षेत्र में दूध उत्पादन बढ़े। किसानों ने विशेषज्ञों से मिली जानकारी को उपयोगी बताते हुए इसे अपने पशुपालन में अपनाने का संकल्प लिया।
राजेश सागर की रिपोर्ट,
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
