समाजशास्त्र में विश्वविद्यालय टॉपर बनकर बढ़ाया क्षेत्र का मान, उपमुखिया अकरम रजा और समाजसेवी जुनेद आलम ने किया सम्मानित
गोमिया: बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड अंतर्गत झिरकी पंचायत की झिरकी बस्ती निवासी मो. कैफ रजा ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU), धनबाद के शैक्षणिक सत्र 2021-2024 की स्नातक कला (प्रतिष्ठा) समाजशास्त्र परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर स्वर्ण पदक हासिल किया है। विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में 9 अक्टूबर 2026 को झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें सम्मानित किया। उनकी इस उपलब्धि से झिरकी बस्ती सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
मो. कैफ रजा ने के. बी. कॉलेज, बेरमो से समाजशास्त्र विषय में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। विश्वविद्यालय की टॉपर सूची में उनके ऑनर्स के अंक 1293 दर्ज हैं। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। उनकी सफलता ने परिवार के साथ-साथ झिरकी पंचायत और पूरे बेरमो क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
DAV से शुरू हुई शिक्षा की यात्रा
मो. कैफ रजा की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, कथारा से हुई, जहां से उन्होंने दसवीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने डीएवी, बरियातू से बारहवीं की शिक्षा प्राप्त की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने के. बी. कॉलेज, बेरमो में दाखिला लिया और समाजशास्त्र विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
कैफ रजा के पिता मो. बदरुल जमा व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि उनकी माता अनिशा खातून सरकारी शिक्षिका हैं। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, मित्रों और ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उपमुखिया और समाजसेवी ने किया सम्मानित
मो. कैफ रजा की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर झिरकी पंचायत के उपमुखिया अकरम रजा एवं समाजसेवी जुनेद आलम ने उन्हें सम्मानित कर बधाई दी। उन्होंने कहा कि कैफ रजा ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता से पंचायत के अन्य विद्यार्थियों को भी शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी।
ग्रामीणों ने भी कैफ रजा की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उपलब्धि झिरकी पंचायत के लिए गर्व की बात है। उनकी सफलता युवाओं को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने का संदेश देती है।
मोहम्मद सेराज की रिपोर्ट,
