बेटे वकील दे. ने मानी भूल, मां का देख भाल करने का दिया प्रशासन को भरोसा।
एसडीओ बेरमो एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को उपायुक्त ने मामले में कार्रवाई का दिया था निर्देश
बोकारो: रविवार को कसमार प्रखंड के जामकुदर निवासी 95 वर्षीय गंगामनी देव्या का भरा पूरा परिवार होने के बाद भी असहाय बेड पर पड़ी रहने का मामला प्रकाश में आने पर उपायुक्त विजया जाधव ने मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) बेरमो मुकेश मछुआ एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डा. सुमन गुप्ता को परिजनों से संपर्क कर सकारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। 
उपायुक्त के पहल पर रविवार को 95 वर्षीय गंगामनी देव्या के पुत्र वकील दे. ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कसमार पहुँच माँ को अपने साथ घर ले गया। उन्होंने मामले में अपने भूल को स्वीकार करते हुए प्रशासन को अपनी माँ का देखभाल – ख्याल रखने का भरोसा दिया है।
जानकारी हो कि, 95 वर्षीय गंगामनी देव्या के दो बेटे समेत परिवार में 8 सदस्य हैं, लेकिन इनकी देखभाल नहीं करते। 40 साल पहले पति का निधन हो चुका है, दोनों बेटे बाहर रहते हैं। बड़ा बेटा सुभाष दे. देखने भी नहीं आता है, वह अपने ससुराल बेरमो में रहता है। छोटा बेटा वकील दे निरसा में चाय की दुकान चलाता है, कभी कभार आता है, लेकिन अब उठने- बैठने में लाचार मां, बिस्तर पर ही पड़ी रहती है।
शनिवार को वृद्ध महिला की मदद के लिए गांव के लोग स्थानीय प्रशासन के पास पहुंचे थे। मामला प्रकाश में आने पर जिला प्रशासन ने पहल की।
उधर, उपायुक्त ने आमजनों से अपील किया है कि वह अपने वृद्ध अभिभावकों का ख्याल रखें। यह उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। अगर परिवार के सदस्य अपने वृद्ध माता-पिता/अभिभावकों का ख्याल नहीं रखेंगे, तो सिनियर सीटिजन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
मोहम्मद सेराज की रिपोर्ट,
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
