पहले वन विभाग कार्रवाई करके की हाई टेंशन पोल सीज, टेबल सेटलमेंट होने के बाद दी सरक्षण, डीएफओ कार्यालय पत्रांक 330 में एनओसी नहीं का जारी है लेटर
वन भूमि फर्जीवाड़ा मामले में जीएम से सीआईडी कर रही पूछताछ, दूसरी तरफ 12 लाखों रुपए रिश्वतखोरी पर वन भूमि का किया जा रहा है दोहन
चतरा: वन भूमि फर्जीवाडा करके घोटाले में एक तरफ सीआईडी आम्रपाली के अधिकारियों से पूछताछ कर रही है। दूसरी तरफ यही अधिकारी आम्रपाली में निजी उपयोग के लिए हाई टेंशन पोल वन भूमि व जंगलों को दोहन करके बेगैर एनओसी का कार्य कराया जा रहा है। जिसका विरोध सरादु गांव के सैकड़ो ग्रामीणों विरोध करके डीएफओ और सीएफ आरसीसीएफ से शिकायत की है। ग्रामीणों के शिकायत के बाद चतरा डीएफओ कार्यालय से पत्रांक 330 में जारी लेटर में हाई टेंशन पोल का एनओसी नहीं प्रस्ताव और बगैर एनओसी के कार्य पर भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत कार्रवाई का आदेश जारी किया गया है। एनओसी नहीं होने के बाद भी टंडवा वन विभाग के अधिकारियों कार्रवाई के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। ग्रामीणों सुबोध सिंह, रितेश कुमार, साहबान पिंटू सहित अन्य ने कहा बेगैर एनओसी के कार्य करने के दौरान हम सभी दर्जनों ग्रामीण विरोध किया। जिसके बाद टंडवा वन विभाग वन भूमि में लगे हाई टेंशन पोल को सील करके दो-दो बार ठीकेदार पर एफआईआर किया है। कुछ माह बीत जाने के बाद ठेकेदार द्वारा टंडवा वन विभाग को 12 लाख रुपये टेबल सेटलमेंट करके फिर से चोरी चुपके से कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा विरोध करके कई बार कार्य में लगे ट्रैक्टर सहित अन्य सामान को जप्त कर वन विभाग को सौपने के बाद टंडवा वन विभाग कार्रवाई के बाजार छोड़ दिया जाता है। ग्रामीणों ने टंडवा वन विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा जब वन विभाग साथ ठेकेदार डील नहीं हुआ था तब टंडवा वन विभाग कार्रवाई करके जप्त करती थी और मामला दर्ज करती थी। अब ठीकेदार द्वारा मोटी रकम दे दी गई तब टंडवा भवन विभाग कार्रवाई नहीं कर रही है। ग्रामीणों द्वारा जप्त किया ट्रैक्टर को भी टंडवा वन विभाग छोड़ दी जा रही है। जिसके कारण बेगैर एनओसी के जंगलों में हाई टेंशन पोल गाड़ने वाले ठेकेदार का मनोबल बढ़ा हुआ है और वन विभाग को मैनेज करके कार्य करने की बात कह रही है। बेगैर एनओसी के वन भूमि पर कार्य पर टंडवा वन विभाग में सात माह पूर्व कार्रवाई करके अब क्यूं चुप्पी साधी? वन विभाग द्वारा सीज किए हुए पोल में ठेकेदार किसके संरक्षण पर कार्य कर रही है? टंडवा वन विभाग संरक्षण नहीं दी है तो ठेकेदार वन भूमि पर बगैर एनओसी के कैसे कार्य कर रही है, जबकि चतरा डीएफओ कार्यालय पत्रांक 303 में एनओसी नहीं होने और भारतीय वन अधिनियम 1927 तहत दोषी लोगो ठेकेदारों पर कठोर कार्रवाई का आदेश का लेटर जारी है। ग्रामीणों ने चतरा डीसी डीएफओ सीएफ आरसीसीएफ से तत्काल कारवाई की मांग किया है।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
